जानिए क्यों, ट्विटर पर भिड़े गौतम गंभीर और उमर अब्दुल्ला, जमकर हुई तीखी बहस

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नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के बीच शुक्रवार को ‘टि्वटर-वॉर’ देखने को मिला।

गौतम गंभीर

दरअसल, गौतम गंभीर ने मन्नान वानी के आतंकवाद की राह चुनने पर कई नेताओं और राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया। जिसमें जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का नाम भी शामिल हैं। मन्नान वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से पीएचडी छोड़ हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था। गुरुवार(11 अक्टूबर) वो कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में अपने एक अन्य साथी के साथ मारा गया था।

गौतम गंभीर ने मन्नान वानी की मौत पर ट्वीट करते हुए लिखा, मन्नान वानी की मृत्यु: हमने एक आतंकवादी को मारकर एक उग्र स्वभाव की प्रतिभा को खो दिया। गौतम ने अपने इस ट्वीट के साथ उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और बीजेपी को टैग करते हुए कहा कि सभी को इस पर पछतावा होना चाहिए कि आखिर क्यों एक युवा व्यक्ति किताबों को छोड़कर गोलियों को सीने से लगा रहा है।

गौतम गंभीर के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने लिखा, ‘यह शख्स (गंभीर) मानचित्र पर मन्नान का गृह-जनपद तक नहीं ढूंढ़ पाएगा, उसके गांव की बात तो छोड़ ही दीजिए और इन्हें लगता है कि यह जानते हैं कि कश्मीर में युवा क्यों बंदूक उठाते हैं। गंभीर को स्पष्ट तौर पर कश्मीर के बारे में उससे कम जानकारी है, जितनी मुझे क्रिकेट की है और मुझे क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं पता।’

इस पर गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘अब्दुल्ला जी आपको नक्शे पर तो बात नहीं करनी चाहिए। आप ही मेरे देश का नक्शा बदलने के लिए जिम्मेदार हो, जो कश्मीर को पाकिस्तान के हवाले ले जाना चाहते हो। दिखावा छोड़िए और यह बताइए कि आपने और अन्य राजनीतिक दलों ने कश्मीरी युवाओं के लिए अब तक क्या किया।’ गंभीर ने अपने इस ट्वीट के साथ भी बीजेपी और कांग्रेस को टैग किया।

गौतम गंभीर के ट्वीट पर अब्दुल्ला ने लिखा, ‘अभी हफ्ता भर भी नहीं हुआ कि मैंने अपने दो सहयोगियों को आतंकियों के हाथों खोया है, 1988 के बाद से मेरी पार्टी ने हजारों वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ता खोए। मुझे राष्ट्र्वाद और त्याग पर किसी ऐसे व्याक्ति से लेक्चर नहीं चाहिए जिसे इसका मतलब भी नहीं पता।’

एक और ट्वीट में अब्दुल्ला ने लिखा, जब आप कश्मीर के बारे में खुद को जागरूक कर चुके हों तब हम एक सार्थक बहस कर सकते हैं, तब तक आप अपनी दुनिया में मगन रहिए।

आखिर में गौतम गंभीर ने ट्वीट किया, ‘आप अकेले नहीं हैं अब्दुल्ला जी, आपके जैसे कई (राजनेता) खुद को आईना दिखाया जाना पसंद नहीं करते और इसी वजह से मेरा देश जख्मी है। राष्ट्रवाद और त्याग के लिए असली मर्द की जरूरत होती है, आप जैसे सोशल मीडिया पर 280 कैरेक्टवर की लिमिट में मुंह चलाने वालों की नहीं।’

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