कांग्रेस ने विवेक तिवारी की हत्या को बताया शर्मनाक, कहा- “मुख्यमंत्री ने पुलिस की वर्दी में गुंडों की फौज पाल रखी है”

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके में देर रात पुलिस ने एपल कंपनी में एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद विवेक की पत्नी ने और उनके रिश्तेदारों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए है और साथ ही इस पूरे मामले में सीएम योगी से सफाई मांगी है। परिवार कहना है कि जब तक योगी जी यहां आकर हमसे बात नहीं करते है तब तक हम विवेक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

विवेक तिवारी

वहीं विवेक तिवारी की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, घटना की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो हम इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया में जो दोषी थे वो गिरफ्तार हो चुके हैं। सीएम ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पत्रकारों से बातचीत कर यह बात कही।

पुलिस के इस कार्रवाई के बाद योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गईं। वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी इल घटना को लेकर पुलिस पर तरह-तरह के सवाल उठा रहें है।

कांग्रेस नेता राज बब्बर ने ट्वीट करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए। लखनऊ में एक आम शहरी का एनकाउंटर कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिस की वर्दी में गुंडों की फौज पाल रखी है। देश के गृहमंत्री के चुनाव क्षेत्र में भी आम आदमी सुरक्षित नहीं। प्रवचनकर्ता प्रधानमंत्री विवेक तिवारी के परिवार को क्या जवाब देंगे?”

बताया जा रहा है कि विवेक तिवारी शुक्रवार रात आईफोन की लॉन्चिंग से अपनी महिला सहकर्मी के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस ने संदिग्ध लगने पर उन्हें गाड़ी रोकने का प्रयास किया तो विवेक ने रुकने की बजाय कार कथित तौर पर पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल पर चढ़ा दी। जिसके बाद सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक पर गोली चला दी, जिसमें वह घयाल हो गया।

जिसके बाद घायल अवस्था में विवेक को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटना रात करीब डेढ़ बजे लखनऊ के गोमती नगर एक्टेशन इलाके की है।

विवेक तिवारी की पत्नी ने पुलिस पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा कि उनके पति की हत्या ने परिवार को चौंका दिया है। क्योंकि उन्होंने बीजेपी के लिए बहुत उम्मीद के साथ वोट किया था। कल्पना तिवारी ने कहा कि वह बहुत खुश थीं जब योगी आदित्यनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।

कल्पना तिवारी ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “दो बजे तक मै अपने पति को लगातार कॉल कर रहीं थी, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया और तीन बजे के आसपास एक आदमी से कॉल उठाया और उसने बताया कि आपके पति को और मैडम को थोड़ी-थोड़ी चोट लग गई है और उनका इलाज हो रहा है लोहिया अस्पताल में।” कल्पना के मुताबिक, कॉल उठाने वाला शख्स अस्पताल का कोई कर्मचारी था।

कल्पना ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, ‘पुलिस मे हमें कॉल क्यों नहीं किया, पुलिस ने हमें इस पूरे मामले में गुमराह किया है और आला-अधिकारी पूरे मामले की लीपापोती करने में लगे हुए है।’ उन्होंने आगे कहा, पुलिस को मेरे पति को गोली मारने का अधिकार नहीं था, मैं यूपी के सीएम से मांग करती हूं कि वह आकर मेरी बात सुनें और मुझसे बात करें।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम बहुत ट्रस्ट के साथ बीजेपी सरकार लेकर आए थे। योगी जी मुख्यमंत्री बने तो हम बहुत खुश थे और अब उनकी पुलिस मे मेरे पति को गोली मार दिया। योगी जी यहां आकर मुझे बताए कि मेरे पति कौन से आतंकवादी थे और उन्होंने ऐसा क्या कर दिया था जो पुलिस ने उन्हें गोली मारा।’

रिश्तेदार ने भी पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए मृतक विवेक तिवारी के रिश्तेदार विष्णु शुक्ला ने भी इसे एक हत्या करार देते हुए न्याय की मांग की। विष्णु शुक्ला ने कहा, हमने राज्य में कानून के बेहतर शासन के लिए बीजेपी को चूना था। उनकी हत्या कर दी गई है, मेरी बहन को अंधेरे में रखा। वे उनके खिलाफ गलत आरोप लगा रहें है। लेकिन अगर ऐसा था (आपत्तिजनक स्थिति में महिला सहयोगी के साथ) तो पुलिस को आम नागरिक को गोली मारने का अधिकार किसने दिया है?

क्या वे आतंकवादी थे जो पुलिस ने गोली मार दी? क्या ये जम्मू-कश्मीर है कि आपने देखा और शक होने पर गोली मार दी? यह उत्तर प्रदेश है न कि जम्मू-कश्मीर। हमने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री इसलिए नहीं चुना था। हम उनसे कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं। मैं चाहता हूं कि योगी जी यहां आएं और इस मामले में हम से बात करे, जब तक वो यहां पर नहीं आते है हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हम चाहते है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो।’

विवेक तिवारी की ‘हत्या’ को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश के एडीजी आनंद कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले में एसआईटी गठित

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने विवेक तिवारी हत्या मामले में कहा कि यह दुखद घटना है. यह हत्या का मामला है और दोनों ही सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पुलिसवाले के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

वहीं, लखनऊ के SSP कलानिधि नैथानी ने कहा कि लखनऊ में पुलिस की गोली से एप्पल के एरिया मैनेजर की हत्या मामले में एसपी अपराध के अंतर्गत SIT गठित की जा चुकी है। मैंने व्यक्तिगत तौर पर जिला मजिस्ट्रेट से मजिस्ट्रेट इंक्वायरी की मांग की है।

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