क्या मोदी के डर से चैनलों ने चिदंबरम के प्रेस कॉन्फेंस को ‘ब्लैक आउट’ किया?

0

नोटबंदी के बाद लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण मोदी सरकार अब विपक्ष के साथ-साथ अपने घर में भी घिरती नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी और गिरती जीडीपी के मुद्दे पर सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को आड़े हाथों लिया है।अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्‍सप्रेस’ में I need to speak up now (मुझे अब बोलना ही होगा) शीर्षक से लिखे लेख में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था का ‘कबाड़ा’ कर दिया है। उन्होंने नोटबंदी को सुस्त अर्थव्यवस्था की आग में घी डालने वाला बताया है। साथ जीएसटी में भी खामियां बताईं है।

सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीक से देखा है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम में लगे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी करीब से दिखाएंगे। जेटली पर हमला बोलते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि मैं अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों में असफल रहूंगा यदि मैंने अभी भी वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ नहीं बोलूंगा, जिन्होंने अर्थव्यवस्था का यह हाल बना दिया।

उन्होंने कहा कि लगातार गिरती जीडीपी और चरमा रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार की मुश्किलें बढ़ रही हैं। सिन्हा ने कहा कि आज के समय में ना ही नौकरी मिल रही है और ना विकास तेज हो रहा है। इनवेस्टमेंट घट रही है और साथ में जीडीपी भी गिर रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और व्यापार पर काफी फर्क पड़ा है।

यशवंत सिन्हा के सहारे कांग्रेस ने बोला हमला

यशवंत सिन्हा ने अर्थव्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री और मोदी सरकार पर सवाल उठाए तो विपक्ष को भी हमले का एक नया हथियार मिल गया। पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने पहले ट्वीट कर सिन्हा के लेख को ‘सच्चाई’ करार देते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला।

चिदंबरम ने एक के बाद एक किए कई ट्वीट में कहा कि, ‘यशवंत सिन्हा ने सत्ता के सामने सच कहा है। क्या सत्ता सच्चाई को स्वीकार करेगी कि अर्थव्यवस्था डूब रही है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सत्ता क्या करती है, अंत में सत्य की जीत होगी।’ उन्होंने सिन्हा की इस बात को दोहराया कि वास्तव में जीडीपी ग्रोथ 3.7 फीसदी या इससे कम है।

इसके बाद एक बार फिर चिदंबरम ने शाम करीब चार बजे कांग्रेस मुख्यालय से प्रेस कॉन्फेंस कर इकोनॉमी में आई गिरावट को लेकर मोदी सरकार को घेरा। चिदंबरम ने कहा, ‘कांग्रेस पिछले 18 महीनों से इकोनॉमी की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर रही है।’ उन्होंने कहा कि, ‘हमें खुशी है कि यशवंत सिन्हा ने सरकार के बारे में हमारी आलोचनाओं को दोहराया है।’

साथ ही पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मैं देशभर में घूमता हूं, जहां लोग अब कह रहे हैं कि अच्छे दिन तो आए नहीं, ये बुरे दिन कब जाएंगे? उन्होंने कहा कि मेरी सबसे अपील है, खास कर उन लोगों से जो अर्थव्यवस्था के बारे में जानते हैं, उन्हें बिना डर के बोलना और लिखना चाहिए।

चिदंबरम के प्रेस कॉन्फेंस को न्यूज चैनलों में नहीं मिली जगह

यशवंत सिन्हा के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा है। फेसबुक और ट्विटर पर दिन भर #YashwantSinha टॉप पर ट्रेंड करते रहे, लेकिन यशवंत सिन्हा के बयान को लेकर जब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम प्रेस कॉन्फेंस कर रहे थे उस वक्त देश के प्रमुख अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने इसे लाइव दिखाने की जहमत नहीं उठाई, जबकि आज की यह सबसे बड़ी खबर थी। सिर्फ एनडीटीवी और मिरर नाउ को छोड़कर किसी न्यूज चैनल ने चिदंबरम के प्रेस कॉन्फेंस को लाइव नहीं दिखाया। जाहिर है अगर संपादकों ने कांग्रेस के इस प्रेस कॉन्फेंस को लाइव नहीं दिखाया इसका मतलब कि यह खबर उनके चैनलों की टीआरपी बढ़ाने लायक नहीं थी। जब कि पूरे दिन इसी खबर को लेकर मोदी सरकार की आलोचना होती रही।

एनडीटीवी और मिरर नाउ काफी देर तक पूर्व वित्त मंत्री का लाइव दिखाते रहे, जबकि न्यूज एएनआई चिदंबरम के बयान को लगातार ट्वीट करता रहा, साथ ही एजेंसी का लाइव वीडियो भी सभी न्यूज चैनलों के न्यूजरूम में गई, लेकिन किसी ने इसे लाइव दिखाने का दमखम नहीं दिखा पाया।

सरकार से डरते हैं संपादक

इस मामले में कांग्रेस का आरोप है कि संपादकों ने सरकार की डर की वजह से श्री चिदंबरम के प्रेस कॉन्फेंस को नहीं दिखाया। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के नाते पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारियों को महसूस करना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्पष्ट है कि उन्होंने श्री चिदंबरम के प्रेस कॉन्फ्रेंस को सरकार के डर की वजह से लाइव प्रसारित नहीं करने का फैसला किया। सुरजेवाला ने कहा कि इस वक्त सूचना और प्रसारण मंत्री (स्मृति ईरानी) से मीडिया हाउस और एजेंसियां खतरा महसूस कर रही हैं।

‘जनता का रिपोर्टर’ ने चैनलों से किया संपर्क

कांग्रेस के आरोप पर ‘जनता का रिपोर्टर’ ने सभी चैनलों के संपादकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी संपादकों से हमारा संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि, जिन संपादकों से हमारी बात हुई है उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

टाइम्स नाउ ने एडिटर इन चीफ राहुल शिवशंकर ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से कहा कि कांग्रेस का यह आरोप बेबुनियाद है। यशवंत सिन्हा की खबर सबसे पहले मेरे यहां ही चली थी और सुबह से अभी तक चल रही है। जहां तक पी चिदंबरम के लाइव का सवाल है तो उनकी खबर मेरे चैनल पर पूरे जोर-शोर से चला है।

मेरे ख्याल से जब चिदंबरम का लाइव चल रहा था उसी समय भारतीय सेना द्वारा म्यांमार में आतंकियों के मारे जाने की खबर आ गई थी जिस वजह से उनका लाइव कुछ देर के लिए कट गया होगा, फिर भी हमने दो फ्रेम में करके चिदंबरम और भारतीय सेना की खबर को चलाया है। उसके कुछ देर बाद एक बार फिर हमने चिदंबरम के बाइट को पूरा चलाया।

‘जनता का रिपोर्टर’ ने इंडिया टूडे और रिपब्लिक टीवी सहित सभी अन्य न्यूज चैनलों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। नीचे देखिए चिदंबरम के लाइव के वक्त न्यूज चैनलों की ली गई तस्वीरें:-

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here