उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गुरुवार(20 अप्रैल) को बिना इजाजत अंबेडकर जयंती की शोभायात्रा निकालने के मुद्दे पर दो पक्षों में हुए हिंसा के बाद से अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यहां सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बता दें कि इस मामले में दोनों पक्षों पर केस दर्ज हो गया है। इसमें सहारनपुर से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) सांसद राघव लखनपाल शर्मा सहित उनके 8 समर्थकों पर भी केस दर्ज किया गया है।
फोटो: NDTVNDTV के मुताबिक, इस मामले में हिंसा के दौरान बीजेपी सांसद लखनपाल ने एक संक्षिप्त भाषण दिया। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनके (पुलिस) पास दिमाग होता, तो उन्होंने उन घरों पर छापे मारे होते(जहां से कथित तौर पर पत्थर फेंके गए)…और हमारी शोभायात्रा पूरी होने देते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने लोगों से वादा करते हुए कहा कि कप्तान(जैसा कि यूपी में जिला पुलिस प्रमुख को बुलाया जाता है) को हटाकर मानेंगे। लखनपाल ने कहा कि चूंकि कप्तान नालायक है। अब यह कप्तान यहां से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यहां नया कप्तान आएगा और वह प्लानिंग के हिसाब से हमारी शोभायात्रा को निकलने देगा। अगली शोभायात्रा में 5,000 लोग शामिल हो सकते हैं।
क्या है मामला?
बता दें कि सहारनपुर जिले में गुरुवार को अंबेडकर जयंती की शोभायात्रा निकालने के मुद्दे पर दो पक्षों में पथराव हुआ, जिसमें सांसद और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, थाना जनकपुरी के अंतर्गत सड़क दूधली में अंबेडकर जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली जा रही थी, उसी दौरान एक समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और शोभायात्रा पर पथराव शुरू हो गया। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पथराव किया। इस दौरान दोनों पक्षों में जबरदस्त पथराव और आगजनी हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने बताया कि इस शोभायात्रा की इजाजत नहीं थी, लेकिन उसे निकालने का प्रयास किया गया, जिस दौरान एक समूह ने पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में पुलिस अधीक्षक खुद भी चोटिल हो गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन द्वारा शोभायात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर बीजेपी समेत तमाम हिंदू संगठनों से जुड़े लोग आग बबूला हो गए। मौके पर बीजेपी सांसद राघव लखनपाल भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, लेकिन वह खुद और कुछ बीजेपी कार्यकर्ता भी चोटिल हो गए। देर रात में सांसद लखनपाल और उनके समर्थकों ने शोभायात्रा निकाले जाने की मांग करते हुए धरना दिया।
इतना ही नहीं, शोभायात्रा की दूरी छोटी किए जाने से नाराज भीड़ जिले के एसएसपी लव कुमार के आवास पर पहुंच गई। वहां सीसीटीवी कैमरा और कुछ कुर्सियों को तोड़ दिया गया। एसएसपी की नेम प्लेट भी उखाड़ दी गई। बीजेपी सांसद और उनके समर्थक उसी गांव से यात्रा निकालने पर अड़ गए।
पथराव होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ता और हिन्दू संगठनों से जुड़े लोग बेकाबू हो गए। जिसके बाद लोगों ने दुकानों और मकानों पर पथराव करते हुए तोडफ़ोड़ शुरु कर दी, जिसके बाद यह हंगामा हिंसा का रूप ले लिया। बता दें कि सहारनपुर के थाना जनकपुरी क्षेत्र का गांव सड़क दूधली काफी समय से संवेदनशील माना जाता है। करीब दस साल पहले भी इस गांव में संत रविदास जयंती पर शोभायात्रा निकालने को लेकर दो समुदायों में विवाद हो चुका है।