सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेताओं को जेल भेजने वाली सीओ श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले पर बीजेपी के एक सांसद ने विवादित बयान दिया है। बुलंदशहर के सयाना सर्किल की इंचार्ज रहीं श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि उस महिला(श्रेष्ठा ठाकुर) का व्यवहार सही नहीं था। साथ ही सांसद ने पार्टी कार्यकर्ता का समर्थन करते नजर आए।
फोटो: फेसबुक वॉल सेउत्तर प्रदेश के हापुड़ में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा, ‘पुलिसवालों का रवैया सही नहीं है, उन्हें अपनी मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। महिला अधिकारी का व्यवहार सही नहीं था, बीजेपी कार्यकर्ता ने कोई बदतमीजी नहीं की थी, जबकि लेडी डीएसपी उसपर अग्रेसिव होती जा रही थी।’
अग्रवाल ने आगे कहा, ‘मैं ये करूंगी…ये करूंगी..योगी जी से लिखवाकर ले आइए कि चालन मत करिए। यह लोकतंत्र कि सरकार है, इसके अंदर सरकार को चलाने जिम्मा है, राजनीतिक नेतृत्व का होता है ये प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए। वो मर्यादा में रहे और पक्षपात न करें।’
सांसद ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को ठीक करने के लिए पूरी छूट दी है। इसका मतलब ये कतई नहीं है कि पुलिस के अधिकारी अपनी मर्यादा भूल जाएं, उन्हें अपनी मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। बता दें कि सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में बीजेपी नेताओं को जेल भेजने वाली सीओ श्रेष्ठा ठाकुर का शनिवार(1 जुलाई) को बुलंदशहर के स्याना पुलिस थाने से तबादला कर बहराइच(नेपाल सीमा) भेज दिया गया।
श्रेष्ठा ठाकुर ने दी प्रतिक्रिया
तबादला होने के बाद श्रेष्ठा ठाकुर ने फेसबुक पर व्यंग्यात्मक तरीके से खुशी जाहिर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। ठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, ‘जहां भी जाए गा, रौशनी लुटाए गा। किसी चराग का अपना मकां नहीं होता। चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं खुश हूं। मैं इसे अपने अच्छे कामों के पुरस्कार के रूप में स्वीकार कर रही हूं। आप सभी बहराइच में आमंत्रित हैं।’
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, घटना पिछले महीने 22 जून की है, जहां बुलंदशहर के सयाना सर्कल के पास ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर अपनी टीम के साथ गाडियों की चैकिंग कर रही थी। इस दौरान गाड़ी के जरुरी दस्तावेज न होने पर पुलिस ने एक बीजेपी नेता का चालान काट दिया।
ठाकुर द्वारा चालान काटने से नाराज बीजेपी नेता ने शहर के तमाम बीजेपी नेताओं को बुलाकर चौराहे पर जमकर उत्पात मचाया और महिला पुलिस अधिकारी के साथ तीखी बहस करते हुए बदसलूकी की। इतना ही नहीं, जिन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें भी कोर्ट परिसर से छुड़ाने की कोशिश की गई।
भाजपाइयों ने नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। हालांकि, इस दौरान दबंग महिला पुलिस अधिकारी के सामने बीजेपी नेताओं की एक न चली और बदसलूकी सहित अन्य मामलों में पुलिस ने पांच बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसके बाद बुलंदशहर के स्याना पुलिस थाने से ठाकुर का तबादला कर बहराइच भेज दिया गया।