यूपी में पत्रकार की पिटाई और गिरफ्तारी मामले को नजरअंदाज कर अर्नब गोस्वामी ने अपने पाखंड को नए मुकाम पर पहुंचाया

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रिपब्लिक टीवी के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने बुधवार की रात एक सप्ताह की अनुपस्थिति के बाद अपने दैनिक डिबेट शो को पेश करने के लिए वापस लौटे। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में हिंसा पर नाराजगी जताई और ट्विटर पर एक हैशटैग #BengalBurning शुरू किया और इस मामले पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों को गले लगाने के लिए उनके नए दृष्टिकोण की प्रशंसा की और हैशटैग #ModiWelfareForAll का इस्तेमाल किया।

हालांकि, विवादास्पद एंकर ने उत्तर प्रदेश में जीआरपी कर्मियों द्वारा टीवी पत्रकार की पिटाई और बाद में गिरफ्तारी के बाद उसे दी गई यातना को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए अपने पाखंड को एक नए मुकाम पर ले जाने का फैसला किया। बता दें कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पटरी से उतरी मालगाड़ी की कवरेज करने गए एक पत्रकार की जीआरपी के कर्मचारियों द्वारा पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

आरोप है कि चैनल के पत्रकार के साथ मारपीट और अमानवीय कृत्य किए गए। रिपोर्टर के मुताबिक, पुलिसकर्मी सादी वर्दी में थे और उन्होंने घटनास्थल पर ही उनके साथ गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी, साथ ही उनका का माइक भी छीन लिया। इतना ही नहीं रिपोर्टर ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें लॉकप में बंद कर दिया और फिर कथित रूप से उसके मुंह में जबरन पेशाब की। पीड़ित पत्रकार का नाम अमित शर्मा है, जो समाचार चैनल न्यूज़ 24 का रिपोर्टर हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद पत्रकार की पिटाई करने के आरोपी जीआरपी एसएचओ राकेश कुमार और कांस्टेबल संजय पवार को सस्‍पेंड कर दिया गया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की बहन अनुराधा प्रसाद के स्वामित्व वाले टीवी चैनल ने दोषी पुलिसकर्मियों की सेवा से बर्खास्तगी और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

इस खबर ने बुधवार को पूरे भारत में लगभग हर मीडिया आउटलेट की सुर्खियां बनीं, क्योंकि इस घटना ने पूरे विश्व को स्तब्ध कर दिया। जबकि गोस्वामी ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले, बंगाल में हिंसा और मोदी के अल्पसंख्यक प्रेम पर बहस की, उन्होंने बस पत्रकार की गिरफ्तारी और अपने स्वयं के बिरादरी के सदस्यों पर हो रहे अत्याचार पर एक शब्द बोलने की परवाह नहीं की।

उनकी चुप्पी उनके चकाचौंध भरे पाखंड का कारण बन रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छेड़छाड़ (मॉर्फ) से तैयार की गई तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में पिछले दिनों गिरफ्तार हुईं भाजपा की महिला कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा के मामले में अपने स्टूडियों में उन्होंने जमकर हंगामा किया था। गोस्वामी ने सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाला था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बाद में शर्मा को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

बुधवार को गोस्वामी ने तब चुप रहने का फैसला किया जब भाजपा के शासन वाले राज्य में उनके ही बिरादरी के एक सदस्य को जीआरपी पुलिस द्वारा पिटाई की गई और उसके साथ अमानवीय कृत्य किए गए। पश्चिम बंगाल में स्थिति कितनी भयावह हो गई थी कि इस पर चर्चा करने के लिए उन्होंने लगभग 40 मिनट समर्पित किए और उन्होंने एक बार फिर हैशटैग #BengalBurning का शुभारंभ किया। उन्होंने अल्पसंख्यकों पर मोदी की मेहरबानी प्रशंसा करते हुए शो का समापन किया।

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