अनुभव सिन्हा ने BJP सांसद रवि किशन पर साधा निशाना, बोले- भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अश्लीलता का जहर घोला, उस पर भी थोड़ी बात करें

0

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा ने भोजपुरी अभिनेता और गोरखपुर से भाजपा के सांसद रवि किशन पर तंज कसा है। अनुभव सिन्हा ने कहा कि रवि किशन को भोजपुरी इंडस्ट्री पर भी बात करनी चाहिए।

अनुभव सिन्हा

बता दें कि, सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जारी ड्रग्स एंगल की जांच के बीच संसद में ड्रग्स का मुद्दा उठाया गया था। रवि किशन ने मानसून सत्र में कहा था कि ड्रग्स की लत का शिकार बॉलीवुड भी है, इस मामले में कई लोगों को पकड़ा गया है। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करुंगा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जाए ताकि पड़ोसी देशों की साजिश का अंत हो सके। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जया बच्चन ने बिना नाम लिए हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर एंटरटेन्मेन्ट इंडस्ट्री को टारगेट किया जा रहा है और कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं।

अब इस मामले में डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने रवि किशन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड पर निशाना साधने के अलावा रवि किशन को भोजपुरी के अश्लील गानों पर भी बात करनी चाहिए जिसके चलते एक पूरी पीढ़ी में अश्लीलता का जहर भरा गया है।

अनुभव सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा, “बड़ा आभारी हूं भाई रवि किशन का कि संसद में बॉलीवुड और नशे पर बातचीत की। थोड़ी बात भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री की भी करें। पिछले तीस साल से इस भाषा और उस कला के सीने पर नंगा नाच करके एक पूरी पीढ़ी में जो अश्लीलता का ज़हर घोला गया है उस पर भी बात होनी है। ज़िम्मेदार हैं वो।”

इससे पहले फिल्म उद्योग की कथित आलोचना पर नाराजगी जताते हुए समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि देश में किसी भी संकट के दौरान सहायता में कभी पीछे नहीं रहने वाला यह उद्योग सराहना का हकदार है। उन्होंने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि दुख की बात यह है कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करते हैं।

जया ने कहा कि केवल कुछ लोगों की वजह से आज मनोरंजन उद्योग आलोचना का शिकार हो रहा है जो हर दिन करीब पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 50 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। जया ने कहा कि लाकडाउन के दौरान कुछ ऐसे हालात हुए कि मनोरंजन जगत सोशल मीडिया पर बुरी तरह आलोचना का शिकार होने लगा और उसे ‘गटर’ कहा जाने लगा, यह सही नहीं है। ऐसी भाषा पर रोक लगाई जानी चाहिए।’

उन्होंने कहा, देश पर आने वाले किसी भी संकट के दौरान उसकी सहायता करने में यह उद्योग कभी पीछे नहीं रहा। राष्ट्रीय आपदा के दौरान इस उद्योग ने हरसंभव मदद की है। यहां अत्यधिक कर देने वाले लोग रहते हैं। इस उद्योग ने अपना एक नाम और पहचान अपने बूते हासिल किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here