झारखंड में ‘भूख’ से एक और मां ने तोड़ा दम, तीन दिन से घर में नहीं था खाने को एक भी दाना

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बीजेपी शासित राज्य झारखंड में भूख से 11 साल की बच्ची सहित 4 लोगों की मौत व यूपी के बरेली जिले में भूख की वजह से एक महिला की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब ख़बर है कि, झारखंड के गिरीडीह जिले के सेवांतर गांव में कथित तौर पर भूख से एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला की बेटी ने बताया की पिछले तीन दिन से खाने के लिए कुछ नहीं था।

झारखंड
प्रतिकात्मक फोटो

नवभारत टाइम्स.कॉम में छपी टाइम्स न्यूज नेटवर्क की ख़बर के मुताबिक, शनिवार को गांव में 45 वर्षीय बुधनी सोरेन की भुखमरी से मौत हो गई। हालांकि जिला प्रशासन मौत की वजह जिले में शीत लहर को बता रहा है। बुधनी सोरेन अपना खर्चा चलाने के लिए पत्तल का दोना और प्लेटें बेचती थीं लेकिन पिछले कुछ दिनों से बीमार होने की वजह से वह काम पर नहीं जा सकी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोरेन अपने पीछे 7 साल के बेटे और सौतेली बेटी सुनीता सोरेन को छोड़ गई हैं। उनके दूसरे पति की मौत पिछले साल ही हो गई थी। सोरेन की बेटी सुनीता ने बताया कि घर में पिछले तीन दिन से खाने के लिए कुछ नहीं था। वह बीमार थीं इस वजह से खाने के लिए कुछ बाहर से लाने में असमर्थ थी।

सुनीता ने बताया कि उनके पास कोई राशन कार्ड या आधार कार्ड भी नहीं था, न ही गांव के सरपंच और प्रशासन का कोई प्रतिनिधि इसके लिए उनके पास आया।

इस बारे में थानसिंहडीह पंचायत के मुखिया बलेश्वर राय ने बताया कि उन्हें बुधनी के बारे में जैसे ही जानकार मिली वह गांव पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि वह कभी-कभार अपने बेटे के साथ स्कूल जाती थी और उसके मिड-डे मील से थोड़ा सा भोजन करती थीं।

झारखंड में भूख से 4 मौत:

1 दिसंबर को महिला की मौत

बता दें कि इससे पहले झारखंड के कोरता गांव में 1 दिसंबर को कथित तौर पर भूख से एक महिला की मौत हो गई थी।मृतक महिला के बेटे उत्तम ने कहा था कि, घर में खाने के लिए कुछ भी नहीं है, पिछले एक महीने से घर में कुछ भी नहीं बना है। मम्मी (प्रेमनी कुंवर) कमजोर हो गई थीं। मैं 29 नवम्बर को राशन लेने गया था। उन्होंने कहा कि आज अंगूठा लगा दो, राशन के लिए 2 दिसंबर को आना लेकिन, 1 दिसंबर को मम्मी मर गई

62 साल के रूपलाल मरांडी की मौत

बता दें कि इससे पहले झारखंड में भूख से मौत के तीन मामले सामने आ चुके हैं। झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत भगवानपुर गांव में 62 साल के रूपलाल मरांडी की सोमवार को कथित तौर पर भूख से मौत हो गई थी।

रिक्शा चालक की मौत

बता दें कि, इससे पहले शनिवार (21 अक्टूबर) को धनबाद के झरिया में 40 वर्षीय रिक्शा चालक की कथित तौर पर भूख से मौत हो गई थी। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में परिजनों ने बताया था कि उसकी मौत भूख और गरीबी से हुई है, ये भी आरोप है कि बेहद गरीब होने के बावजूद भी उसे सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

11 साल की बच्ची की मौत

बता दें कि सिमडेगा जिले में जलडेगा प्रखंड स्थित कारीमाटी गांव में कोयली देवी नाम की महिला की 11 साल की बेटी संतोषी की बीते 28 सितंबर को कथित तौर पर भूख के कारण मौत हो गई थी। संतोषी की मां कोयली देवी ने एक बयान में कहा था कि आधार कार्ड लिंक नहीं होने की वजह से गांव के डीलर ने उन्हें फरवरी से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहम मिलने वाला राशन देना बंद कर दिया था।

 

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