झारखंड में भुखमरी से तीसरी मौत, बेटी ने कहा- घर में दो दिन से नहीं जला था चूल्हा

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बीजेपी शासित राज्य झारखंड में भूख से 11 साल की बच्ची और फिर एक रिक्शेवाले की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि अब ख़बर है कि, देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत भगवानपुर गांव में 62 साल के रूपलाल मरांडी की सोमवार को कथित तौर पर भूख से मौत हो गई।

झारखंड
प्रतिकात्मक फोटो

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार बायोमैट्रिक मशीन में पिता के अंगूठे का निशान न मिलने पर दो महीने से राशन न दिए जाने की बात सामने आई है। ख़बरों के मुताबिक, मृतक की बेटी मानोदी मरांडी ने बताया कि उनके पिता के अंगूठे का निशान बॉयोमेट्रिक मशीन से नहीं मिलने पर पिछले दो महीने से उसके परिवार को राशन नहीं दिया जा रहा था।

इस वजह से घर में अनाज का एक दाना भी न होने की वजह से पिछले दो दिनों से घर में चूल्हा नहीं जला था। एक पडोसी ने कुछ भात दिया था वही खा कर पूरा परिवार किसी तरह जीवित था।

भूख से तीसरी मौत का मामला सामने आने के बाद शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बता दें कि इससे पहले भूख से मौत के होने के दो और मामले सामने आ चुके हैं।

रिक्शा चालक की मौत

बता दें कि, इससे पहले शनिवार (21 अक्टूबर) को धनबाद के झरिया में 40 वर्षीय रिक्शा चालक की कथित तौर पर भूख से मौत हो गई थी। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में परिजनों ने बताया था कि उसकी मौत भूख और गरीबी से हुई है, ये भी आरोप है कि बेहद गरीब होने के बावजूद भी उसे सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

11 साल की बच्ची की मौत

बता दें कि सिमडेगा जिले में जलडेगा प्रखंड स्थित कारीमाटी गांव में कोयली देवी नाम की महिला की 11 साल की बेटी संतोषी की बीते 28 सितंबर को कथित तौर पर भूख के कारण मौत हो गई थी। संतोषी की मां कोयली देवी ने एक बयान में कहा था कि आधार कार्ड लिंक नहीं होने की वजह से गांव के डीलर ने उन्हें फरवरी से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहम मिलने वाला राशन देना बंद कर दिया था।

उनकी बेटी को कई दिनों से खाना नसीब नहीं हुआ था, जिस कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर झारखंड की बीजेपी सरकार की खूब किरकिरी हुई।

 

 

 

 

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