शर्मनाक: दिल्ली में 8 महीने की बच्ची से चचेरे भाई ने किया रेप, स्वाति मालीवाल बोलीं, ‘मासूम का नहीं महिला आयोग का हुआ बलात्कार’

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देश की राजधानी दिल्ली में आठ महीने की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है। जी हां, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस में आठ महीने की बच्ची के साथ उसके रिश्तेदार भाई ने कथित तौर पर बलात्कार किया। पुलिस ने मंगलवार (30 जनवरी) को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना रविवार (28 जनवरी) की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: HT

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 28 वर्षीय व्यक्ति ने स्वीकार किया है कि कल उसने शराब के नशे में बच्ची से बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि बच्ची के माता-पिता काम पर बाहर जाते थे और उसे उसकी एक रिश्तेदार के पास छोड़ जाते थे। रविवार को उस रिश्तेदार का बेटा भी घर पर था। अधिकारी ने बताया कि जब आरोपी ने देखा कि उसकी मां आसपास नहीं है तो उसने कथित तौर पर बच्ची से बलात्कार किया।

आरोपी ने बच्ची का मुंह दबा रखा था, ताकि उसके रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर न पहुंचें। बच्ची की मां जब रविवार रात काम से घर लौटीं तब उन्हें इस घटना का पता चला। जख्मी हालत में बच्ची को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। बच्ची के पिता मजदूरी करते हैं और मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं।

महिला आयोग का हुआ बलात्कार

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आठ महीने की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि यह बच्ची का नहीं, बल्कि महिला आयोग के साथ दुष्कर्म हुआ है।मालीवाल ने उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सुभाष पैलेस के शकूर बस्ती इलाके में आठ माह की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर ट्वीट कर कहा ‘‘क्या करुं? महिला आयोग की अध्यक्ष कटोरा लिये खड़ी है। 6 महीने में बलात्कारियों को फांसी दो, पुलिस के संसाधन जवाबदेही बढाओ, केंद्र महिला सुरक्षा पर उच्च समिति बनाए। 2 साल में खूब पत्र लिखे, अदालत गयी, सत्याग्रह किया- पर कुछ न बदला। आठ महीने की बच्ची का रप नहीं महिला आयोग का रेप हुआ है।‘‘

एक अन्य ट्वीट में स्वाति ने लिखा, ‘आज गांधी जी की पुण्यतिथि है। गांधी जी भी सोचते होंगे की ये कैसा देश हमने बनाया। ये कैसा रामराज्य है जहां मासूम 8 महीने की बच्ची कुचली जाती है और किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। गांधी जी, सुभाष, भगत, अशफाकुल्लाह जैसे योद्धाओं का बलिदान क्या व्यर्थ था? समाज और व्यवस्था मर गयी है।’

हादसे के बाद कल ही महिला आयोग की अध्यक्ष ने अस्पताल का दौरा किया था और ट्वीट किया था ‘‘आठ महीने की बच्ची की दिल दहला देने वाली चीखों से पूरा आईसीयू गूंज रहा है। तीन घंटे तक मासूम का आपरेशन हुआ। बेरहम दुष्कर्मी ने उसे खून में लथपथ छोड़ दिया। अंदरूनी अंगों पर अमानवीय चोटें आई हैं। कौन जिम्मेदार है? पूरी व्यवस्था नपुंसक हो चुकी है। किसी को फर्क नहीं पड़ता। कब बदलाव होगा?‘‘

 

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