जम्मू-कश्मीर: IAS टॉपर शाह फैसल ने ‘रेपिस्तान’ ट्वीट विवाद के दौरान ही नौकरी छोड़ने का कर दिया था इशारा

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कश्मीर में हो रहे कथित हत्याओं के विरोध में जम्मू-कश्मीर के पहले IAS टॉपर शाह फैजल ने नौकरी से इस्‍तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 बैच के टॉपर रहे फैजल ने सोमवार को वॉलेंट्री रिटायरमेंट की मांग की। आपको बता दें कि शाह फैसल आईएएस की परीक्षा में टॉप करने वाले पहले कश्मीरी हैं। उनके बारे में कहा जा रहा है कि वह राजनीति में कदम रख सकते हैं। शाह ने अपने ट्विटर पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि वो शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

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शाह फैसल

आपको बता दें कि तेजी से बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के संबंध में ट्वीट करने के बाद जुलाई 2009 में ही उन्होंने नौकरी छोड़ने के तरफ इशारा कर दिया था। दरअसल, पिछले साल रेप की घटनाओं के संबंध में ट्वीट करने के बाद फैसल के खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई थी। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के कहने पर हुई थी।

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ट्वीट पर उनके खिलाफ नोटिस भी जारी कर दिया गया था। हालांकि, वे अपनी बात पर अड़े रहे थे और अधिकारियों के बोलने की आजादी का मुद्दा भी उठाया था। फैसल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए तो उन्होंने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी भी व्यक्त किया था। उस दौरान न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी नौकरी जाने कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा था, “मेरी नौकरी जा सकती है, लेकिन दुनिया संभावनाओं से भरी है।”

फैसल ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘पितृसत्ता +जनसंख्या+ निरक्षरता + शराब + पोर्न + तकनीक + अराजकता= रेपिस्तान!’। यह पोस्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को नागवार गुजरा था। इसी ट्वीट के बाद उनके खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी। उस दौरान राज्य में बीजेपी-पीडीपी की सरकार थी। पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि यह कार्रवाई कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के कहने पर हुई थी।

नोटिस मिलने के बाद उसकी एक प्रति ट्वीट करते हुए फैसल ने लिखा है, दक्षिण एशिया में बलात्कार के चलन के खिलाफ मेरे व्यंग्यात्मक ट्वीट के एवज में मुझे मेरे बॉस से प्रेम पत्र (नोटिस) मिला। विडंबना यह है कि अंतरआत्मा की आजादी का दम घोंटने के लिए औपनिवेशिक रूह वाले सर्विस रूल्स को लोकतांत्रिक भारत में अमल में लाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र की चिट्ठी को भी शेयर किया था।

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