बुधवार को सोशल मीडिया पर यूएई सरकार द्वारा कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की 15 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने वाली सनसनीखेज कहानी सुर्खियों में बनी रही।
ज़ी न्यूज़ की मूल कहानी में उद्धृत किया गया था कि संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने ‘भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन की 15,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त कर लिया था।
हैरान करने वाली बात है कि ज़ी न्यूज़ ने खुद ज़ी मीडिया के हवाले से हवाले से कहा कि दाऊद इब्राहिम की यूएई की कई कंपनियों में शेयर हैं और उसकी कई बेनामी संपत्ति भी है।
जी रिपोर्ट में आगे दावा किया था कि यूएई सरकार की ओर से बीते साल भारत को एक लिस्ट सौंपा गया था जिसमें बताया गया था कि दाऊद के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है। “दाऊद की बेनामी संपत्ति की जांच और उसे जब्त करने का काम शुरू कर दिया गया था। पीएम नरेंद्र मोदी जब यूएई दौरे पर गए थे तो उनके साथ एनएसए अजीत डोभाल भी थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के समय भारत की ओर से दाऊद इब्राहिम की संपत्ति का ब्यौरा सौंपा गया था, जिसके बाद यूएई की ओर से दाऊद के खिलाफ अहम कदम उठाया गया।”
इस कहानी को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया गया जब बुधवार की रात बीजेपी की और से भी इसी तरह के टवीट् किए गए। इन ट्वीट में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी कूटनीतिक सफलता, संयुक्त अरब अमीरात में भारत के सर्वाधिक वांछित अपराधियों में से एक दाउद इब्राहिम की करीब 15,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है।इसमे आगे कहा गया कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति का मास्टर स्ट्रोक निशाने पर लगा।
ये खबर इस वजह से भी सवालों के घेरे में आ गयी है क्योंकि गृह मंत्रालय या फिर विदेश मंत्रालय ने इतनी बड़ी ‘उपलब्धि’ पर अब तक किसी भी प्रतिक्रिया देने से परहेज़ किया है।
ज़ी न्यूज़ ने नवम्बर में मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद ये दाव किया था कि दो हज़ार के नए नोट में एक विशेष चिप लगा है जिस से इनकम टैक्स के अधिकारियों को इन नोटों के छिपे होने के बारे में पता चल जाएगा अगर ये ज़मीन से एक सौ बीस फिट भी नीचे दबा दिए जाएँ। बाद में सोशल मीडिया पर ज़ी न्यूज़ का जमकर मज़ाक़ उड़ाया गया था।