इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन(आईआरएफ) के संस्थापक और और विवादित उपदेशक जाकिर नाइक ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया जा रहा था कि उन्हें सऊदी अरब की नागरिकता मिल गई है। बता दें कि मीडिया में ऐसी खबरे आई थी कि नाइक को सऊदी अरब ने अपने देश की नागरिकता दे दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि किंग सलमान ने खुद अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन (इंटरपोल) से नाइक को बचाने के लिए नागरिकता देने के मामले में हस्तक्षेप किया है।
फाइल फोटो।अरअसल, इससे पहले इंटरपोल से बचने के लिए नाइक ने सऊदी से नागरिकता का आग्रह किया था। जिसके बाद पाकिस्तानी और कुछ भारतीय मीडिया में यह दावा किया गया कि सऊदी सरकार ने नाइक की अर्जी को मंजूर कर लिया है। बता दें कि नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर सरकार ने रोक लगा रखी है। कुछ दिन पहले एक कोर्ट ने नाइक के एनजीओ पर रोक के फैसले को बरकरार रखा था।
इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 16 मार्च को कहा था कि जाकिर नाइक की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को प्रतिबंधित करने का केंद्र का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत करने के लिए किया गया था। हाई कोर्ट ने यह बात इस प्रतिबंध को चुनौती देने वाली आईआरएफ की याचिका को खारिज करते हुए कही थी।
बता दें कि 51 वर्षीय नाइक गत वर्ष गिरफ्तारी से बचने के लिए उस वक्त भारत छोड़कर चले गए थे, जब बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकवादी हमले के कुछ हमलावरों ने दावा किया था कि वे नाइक से प्रेरित थे। जिसके बाद जाकिर नाइक के खिलाफ मुंबई की एक विशेष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर गैर जमानती वारंट भी जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, NIA नाइक के खिलाफ रेड कॉनर नोटिस जारी करवाने की तैयारी कर रही थी। पिछले दिनों खबर आई थी कि नाइक के खिलाफ एनआईए ने इंटरपोल और सीबीआई को पत्र लिखकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कहा है। रेड कॉर्नर नोटिस का मतलब है कि नाइक को एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा घोषित किया जाएगा और उसे दुनिया भर में किसी भी एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है।