उत्तर प्रदेश की कैसरगंज संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने स्थानीय निकाय चुनावों में संगठन द्वारा अपनी उपेक्षा किए जाने से नाराज होकर बगावत का ऐलान कर दिया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की तर्ज पर गोण्डा की जनता से ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह नवाबगंज नगर पालिका के लिए पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी का खुलकर विरोध करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें लोकसभा की सदस्यता ही क्यों न गंवानी पड़े।
न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक बीते विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी के स्थानीय संगठन से नाराज चल रहे बीजेपी सांसद ने अपने संसदीय कार्यालय परिसर गोनार्द लान में शहर की जनता से बात करने के लिए ‘मन की बात’ कार्यक्रम आयोजित किया।
समर्थकों से खचाखच भरे पंडाल में सांसद जब बोलने के लिए खड़े हुए तो बहुत भावुक हो गए। उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर संगठन पर करारा आरोप मढ़ा। सिंह ने कहा कि टिकट बंटवारे को लेकर हमसे पिता-पुत्र संगठन ने एक बार चर्चा तक नहीं की। पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया गया। पर तक सही बात नहीं पहुंचाई गई।
उन्होंने कहा कि मैंने अपने गृह क्षेत्र नवाबगंज में पार्टी का प्रत्याशी उतार दिया है। भले ही उसे पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं मिला है। सांसद ने कहा कि नवाबगंज में पार्टी ने जिसे प्रत्याशी घोषित किया है, वह बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं की भी बहुत करीबी रही हैं और उनके समय में भी अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनकी सगी देवरानी को समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है।
सांसद ने कहा कि मैंने नवाबगंज में पार्टी के वफादार कार्यकर्ता का नामांकन करवाकर उसे प्रत्याशी बना दिया है। उसी की मदद करूंगा और पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी का विरोध करूंगा। चाहे इसका खामियाजा मुझे लोकसभा की सदस्यता गंवाकर ही क्यों न चुकाना पड़े।