39,000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी वीडियोकॉन ग्रुप ने कंपनी की खस्ता हालत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति को जिम्मेदार ठहराया है। समूह ने पीएम मोदी के अलावा सुप्रीम कोर्ट और ब्राजील को भी अपनी हालत का जिम्मेदार बताया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट अनुसार कंज्यूमर एप्लाइसेंस मेकर कंपनी वीडियोकॉन ने अपने भारी-भरकम कर्ज के लिए इन तीनों को जिम्मेदार ठहराया है। वीडियोकॉन ने अपने ऊपर हुए कर्ज के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से नोटबंदी की घोषणा किए जाने को मुख्य कारण बताया है।
पिछले सप्ताह कर्जदाताओं की अर्जी स्वीकार करने के बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल वीडियोकॉन पर दिवालिया कानून के तहत सुनवाई कर रहा है। इन कर्जदाताओं में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी शामिल है। कर्जदाताओं की मांग है कि अगले 6 महीने में कंपनी की बोली लगवाई जाए। अपने बचाव में वीडियोकॉन ने भी अर्जी दाखिल की है।
कंपनी का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले की वजह से कैथोड रे ट्यूब (CRT) टेलीविजन्स बनाने के लिए जो सप्लाई होती थी। वह पूरी तरह से ठप पड़ गई। इसी वजह से टेलीविजन का व्यापार ठप हो गया। ब्राजील में रेड टेप की वजह से गैस और तेल का व्यापार प्रभावित हुआ और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद टेलीकम्युनिकेशन का बिजनस भी रुक गया।
बता दें कि पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 96 फीसदी की गिरावट आई है। मंगलवार को इसके एक शेयर की कीमत मात्र 7.56 रुपये रही। इस तरह कंपनी दिवालिया होने के कगार पर है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 में नोटबंदी की घोषणा की थी। इस दौरान 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। नोटबंदी के बाद कई लोगों के कारोबार पर इसका असर देखने को मिला था।