उत्तर प्रदेश में मथुरा की फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश विवेकानन्द शरण त्रिपाठी ने आश्रम में पेट में दर्द का इलाज कराने आई महिला के साथ बलात्कार के एक आरोपी तांत्रिक को 25 साल का कठोर कारावास एवं 25 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। तांत्रिक वारदात के बाद से ही जेल में बंद है। कोर्ट ने दुराचारी तांत्रिक को दो धाराओं के तहत 25 साल की सजा और 25,000 जुर्माना सुनाया है।
Photo: Oneindia Hindiपिछले साल 19 जुलाई में हाथरस की रहने वाली महिला अपने पेट दर्द की शिकायत लेकर तांत्रिक द्वारकादास के पास आई थी। यहां इलाज के नाम पर उसने महिला का दो बार रेप किया और उसे धमकी भी दी थी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसके परिवार वालों की हत्या कर दी जाएगी। आठ सितंबर 2017 से केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने शुरू की थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बाबा द्वारकादास नाम के तांत्रिक के वृंदावन स्थित आश्रम में हाथरस की रहने वाली महिला अपने पति और चार साल की बेटी के साथ पेट में दर्द के इलाज के लिए आई थी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट काउंसिल प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि, ‘द्वारकादास ने महिला को आश्रम की दूसरी मंजिल पर एक कमरे में रहने के लिए कहा और उसे बताया कि बुरी शक्तियों का इलाज रात 10 बजे शुरू होगा। इसके बाद तांत्रिक ने महिला के पति को एक लालटेन पकड़ाकर नीचे भेज दिया और कहा कि जब तक ये बुझ न जाए, तब तक वो ऊपर न लौटे।’
सिंह ने बताया कि इसके बाद बाबा ने बंद कमरे में महिला का बलात्कार किया और कहा कि ये इलाज का ही हिस्सा है। महिला ने खुद को बाबा के चंगुल से छुड़ाने की काफी कोशिश की लेकिन नाकाम रही। तांत्रिक की घटिया करतूत यहीं नहीं रुकी, जब महिला का पति सो रहा था, तब उसने दोबारा महिला का रेप किया और उसे धमकी दी कि अगर वो चुप नहीं रही तो उसके परिवार की हत्या कर दी जाएगी। बाबा ने महिला से कहा कि ये ‘निबु एक्सरसाइज’ का ही हिस्सा है।
इसी बीच महिला का पति आ गया। इस पर तांत्रिक ने दोनों को मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला वहां तो चुप रही लेकिन जैसे ही परिवार के साथ हाथरस के लिए निकली, उसने अपने पति को आश्रम में हुई पूरी घटना बताई। अगले दिन महिला ने वृंदावन कोतवाली में तांत्रिक के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसके बाद पुलिस ने तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।