महाराष्ट्र में कोरोना महामारी की वजह से बंद मंदिरों को खोलने के मुद्दें को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आमने-सामने आ गए है। भगतसिंह कोश्यारी के एक पत्र के जवाब में उद्धव ठाकरे ने उनके हिंदुत्व पर सवालिया निशान लगाने पर राज्यपाल के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि मेरे हिंदुत्व को आपके सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। उद्धव ठाकरे ने ये भी सवाल किया कि क्या कोश्यारी के लिए हिंदुत्व का मतलब केवल धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने से है और क्या उन्हें नहीं खोलने का मतलब धर्मनिरपेक्ष होना है। कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे से जल्द मंदिर खोलने की अपील करते हुए चिठ्ठी लिखी थी, जिसपर उद्धव ठाकरे ने यह जवाब दिया।

दरअसल, भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि उन्हें कोविड गाइडलाइंस के साथ धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने के लिए ‘तुरंत घोषणा करने का आग्रह’ किया था। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा था, ‘आप हिंदुत्व के बड़े तरफ़दार रहे हैं। आपने अयोध्या जाकर भगवान राम के लिए अपना समर्पण सार्वजनिक रूप से जाहिर किया था। आपने पंढरपुर में विट्ठल रुक्मिणी मंदिर के दर्शन किए थे और आषाढ़ी एकादशी पर पूजा की थी। मैं समझना चाह रहा हूं कि क्या आपको धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की प्रकिया को बार-बार टालने के लिए कोई दिव्य संदेश मिल रहा है या फिर आप खुद सेकुलर बन चुके हैं, जो कभी आपको खुद कभी पसंद नहीं था?’
जवाब में ठाकरे ने सवाल किया कि क्या कोश्यारी के लिए हिंदुत्व का मतलब केवल धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने से है और क्या उन्हें नहीं खोलने का मतलब धर्मनिरपेक्ष होना है। उद्धव ठाकरे ने कहा है कि ‘पत्र में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है। हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।’ ठाकरे ने कहा, ‘क्या धर्मनिरपेक्षता संविधान का अहम हिस्सा नहीं है, जिसके नाम पर आपने राज्यपाल बनते समय शपथ ग्रहण की थी।’ उन्होंने कहा, ‘लोगों की भावनाओं और आस्थाओं को ध्यान में रखने के साथ-साथ, उनके जीवन की रक्षा करना भी अहम है। लॉकडाउन अचानक लागू करना और समाप्त करना सही नहीं है।’
इसके अलावा उद्धव ठाकरे ने कोश्यारी को सूचित किया है कि राज्य में कोविड-19 संबंधी हालात की पूरी समीक्षा के बाद धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने का फैसला किया जाएगा। ठाकरे ने कोश्यारी के सोमवार को लिखे पत्र के जवाब में मंगलवार को पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार इन स्थलों को पुन: खोलने के उनके अनुरोध पर विचार करेगी। कोश्यारी ने अपने पत्र में कहा था कि उनसे तीन प्रतिनिधिमंडलों ने धार्मिक स्थलों को पुन: खोले जाने की मांग की है।
As imposing lockdown all of a sudden was not right, revoking it completely at once will also be not a good thing. And yes, I am someone who follows Hindutva, my Hindutva doesn't need verification from you: Maharashtra CM Uddhav Thackeray (in file photo) replies to Governor https://t.co/Tw26tZ2r6B pic.twitter.com/VgCSXnhTlh
— ANI (@ANI) October 13, 2020