देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मंगलवार(29 अगस्त) को बारिश की वजह से थम गई। करीब 10 घंटे में 298 मिलीमीटर बारिश के चलते लोग जहां-तहां फंसे रहे। लोकल ट्रेन रुक-रुक कर चलीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मूसलाधार बारिश की वजह से पांच लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई लापता हैं।बारिश के बाद बदतर हुए हालात पर लोगों का आरोप है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, बीएमसी पर राज कर रही शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे लोगों तक मदद पहुंचाने की जगह पत्रकारों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं।
जी हां, जब बुधवार(30 अगस्त) को पत्रकारों ने शिवसेना प्रमुख से करने लगे तो उद्धव मीडिया पर ही भड़क उठे और रिपोर्टर से कहा कि आप बाहर जाओ और बारिश रोको। प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मीडिया के सवालों की बौछारों से झल्लाये ठाकरे ने पत्रकारों से कहा कि आप खुद रोक लीजिये बारिश।
शिवसेना प्रमुख ने रिपोर्टर से कहा कि आप बारिश रोकिये तब, मुझे बताइये कि मुझे क्या करना चाहिये। यह मत सोचिये कि मुंबई पर सिर्फ आपका एकाधिकार है। हम लोगों की सेवा करते हैं, यही वजह है कि उन्होंने हमें फिर सत्ता में भेजा।ठाकरे के बयान पर निशाना साधते हुये शहर बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा कि बारिश की वजह से मची अफरातफरी के लिये वह घमंड छोड़ें और माफी मांगें।
वहीं, बारिश के बारे में ठाकरे ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि नौ किलोमीटर की ऊंचाई पर बादल शहर पर मंडरा रहे थे और अगर वे फट जाते तो उसका बेहद गंभीर परिणाम होगा। ठाकरे ने कहा कि नौ किलोमीटर ऊंचे बादल शहर पर बने हुये थे। अगर कहीं बादल फट जाता तो इसका प्रभाव कहीं ज्यादा होता।
ठाकरे के बयान पर टिप्पणी करते हुये बीजेपी प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि ठाकरे को अपनी बात के प्रमाण देने चाहिये, क्योंकि जब बादल फटने की बात होती है तो आप हजारों लोगों की सुरक्षा की बात करते हैं। ऐसी टिप्पणियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।