VIDEO: सबरीमाला मंदिर में BJP के केंद्रीय मंत्री को रोकने वाले इस IPS अधिकारी को लोग बुलाते हैं ‘दबंग’, दोनों के बीच बहस का वीडियो वायरल

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पिछले कुछ समय से केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर काफी चर्चा में है। इस बीच सबरीमाला मंदिर जा रहे बीजेपी के केंद्रीय मंत्री पी. राधाकृष्णन की गाड़ी को भगवान अयप्पा परिसर के रास्ते में अंतिम प्रवेश स्थान पंबा में रोक दिया गया था। जिसने बिना डरे केंद्रीय मंत्री को निजी गाड़ी में मंदिर में जाने से रोक दिया। उस आईपीएस अधिकारी का नाम है यतीश चंद्रा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यतीश चंद्र को ‘दबंग’ कहा जाता है। वहीं, ताजा वीडियो सामने आने के बाद अब उन्हें ‘दबंग’ के साथ-साथ ‘सिंघम’ भी कहा जा रहा है।

(Photo: Facebook/yathish.IPS)

मंत्री के निजी वाहन के प्रवेश पर रोक लगाने पर मंत्री, उनके समर्थकों और अधिकारी के बीच जमकर कहासुनी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसमें दबंग आईपीएस यतीश चंद्रा स्पष्ट शब्दों में मंत्री को कह रहे हैं कि उनके निजी वाहन को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि, केरल पुलिस ने कहा है कि उनके नहीं उनके काफिले के एक अन्य वाहन को रोका गया था। पुलिस ने इस वाहन को सबरीमाला के प्रदर्शनकारियों के सवार होने के संदेह में रोका था।

पुलिस की प्रतिक्रिया मीडिया की उन कुछ खबरों के बाद सामने आई है जिनमें कहा गया था कि मंत्री के वाहन को उस वक्त रोक दिया गया जब वह भगवान अयप्पा मंदिर में ‘दर्शन’ के बाद लौट रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक राधाकृष्णन कथित तौर पर विपक्षी यूडीएफ गठबंधन के विधायकों और बीजेपी सांसदों के दौरे के एक दिन बाद श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे।

साथी बुलाते हैं ‘दबंग’

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक केंद्र सरकार में जूनियर वित्त मंत्री पॉन राधाकृष्णन बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार को निलाक्कल बेस कैंप पहुंचे थे जोकि सबरीमाला मंदिर के नजदीक है। राधाकृष्णन का निजी वाहन मंदिर जाने के लिए रास्ते में खड़ा था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उनके वाहन को रोक दिया था। पुलिस की टीम का नेतृत्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी यतीश चंद्रा कर रहे थे। वह 2011 बैच के अधिकारी हैं। उनके साथी उन्हें ‘दबंग’ पुलिस अधिकारी कहते हैं।

बीजेपी के राज्य मीडिया संयोजक आर संदीप ने बताया कि मंत्री के साथ यात्रा करने वालों के बारे में पूर्व जानकारी होने के बावजूद ‘उनके वाहनों को कई जगहों पर रोके जाने’ के बाद पुलिस ने उन्हें ‘परेशान’ किया। उन्होंने बताया कि मंत्री के अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्हें जाने की अनुमति दी गई। पुलिस ने बताया कि काफिले के एक अन्य वाहन को उसमें सबरीमाला प्रदर्शनकारियों के यात्रा करने के संदेह में रोका गया।

दोनों में हुई तीखी बहस

इस घटनाक्रम का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें केंद्रीय मंत्री से अधिकारी चंद्रा से कह रहे हैं, ‘आप (पुलिस) बेवजह श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे हैं। पंबा तक आने के लिए राज्य सरकारों की बसों को ही क्यों अनुमति दी गई है?’ इस पर चंद्रा ने कहा कि पंबा का पार्किंग एरिया अगस्त में आई बाढ़ में बह गया था। राज्य परिवहन सेवा की बसें पंबा में नहीं रुकेंगी और वह तीर्थयात्रियों को ले कर लौट जाएंगी। लेकिन अगर नजी बसों को आने की इजाजत दी जाएगी तो उनसे यातायात जाम होगा और श्रद्धालुओं को दिक्कत होगी।

आईपीएस अधिकारी ने आगे कहा, ‘वहां पर पार्किंग की समस्या है। सरकारी वाहन वहां वीआईपी को उतारकर वापस आ जाते हैं। अगर एक निजी वाहन जाने दिया जाएगा तो अन्य लोग भी वहां जाने का प्रयास करेंगे। अगर वहां ट्रैफिक की व्यवस्था खराब होती है तो क्या आप जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?’ चंद्रा ने कहा कि अगर मंत्री जिम्मेदारी लेते हैं तो निजी वाहनों को अंदर भेजा जा सकता है, लेकिन राधाकृष्णन ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और अधिकारी पर उनके निजी वाहन को अंदर जाने देने के लिए दबाव बनाने लगे।

इस पर आईपीएस अधिकारी ने कहा कि आप मुझे लिखकर दे दीजिए तो मैं आपके निजी वाहन को जाने की अनुमति दे दूंगा। मैं तो आपको लिखकर देने को तैयार हूं। मंत्री ने कहा कि वह इस तरह का कोई आदेश नहीं दे सकते। इस पर अधिकारी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा कि यही तो समस्या है, कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। चंद्रा की इस बात पर वहां मौजूद बीजेपी कार्यकर्ता भड़क गए और दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि, बाद में केंद्रीय मंत्री और उनके समर्थकों को अधिकारी की जिद्द के आगे पीछे हटना पड़ा। सोशल मीडिया पर आईपीएस अधिकारी की खूब चर्चा हो रही है।

 

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