राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सत्ता पक्ष के नेताओं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और पीएम मोदी को घेरने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं। 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर को देखते हुए तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर बेहत आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने केन्द्र की मोदी सरकार को नागपुरिया ब्रांड बताते हुए कहा कि यह सरकार सामाजिक न्याय और संविधान विरोधी है।
तेजस्वी यादव ने बुधवार(23 जनवरी) को ट्वीट करते हुए लिखा, “नागपुरिया ब्रांड मोदी सरकार सामाजिक न्याय विरोधी है। संविधान विरोधी है। दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और बहुजन विरोधी है।आरक्षण विरोधी है। इन्होंने जाँच एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं का कबाड़ा कर दिया है। ये कट्टर संघी जातिवादी और पूँजीपरस्त लोग देश का बंटाधार कर नफ़रत बोने में लगे है।”
नागपुरिया ब्रांड मोदी सरकार सामाजिक न्याय विरोधी है। संविधान विरोधी है। दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और बहुजन विरोधी है।आरक्षण विरोधी है।इन्होंने जाँच एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं का कबाड़ा कर दिया है।ये कट्टर संघी जातिवादी और पूँजीपरस्त लोग देश का बंटाधार कर नफ़रत बोने में लगे है
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) January 23, 2019
तेजस्वी यादव ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “SC/ST एक्ट की तरह यहाँ भी सरकार ने धोखा दिया। HRD मंत्री अध्यादेश लाने की बात कर पलट चुके है। सवर्ण आरक्षण चंद घंटों में लाने वाले बहुजनों के साथ धोखाधड़ी कर रहे है। उच्च शिक्षा के दरवाजे अब बहुसंख्यक बहुजन आबादी के लिए बंद हो चुके हैं। विभागवार आरक्षण बंद कर पुराना नियम लागू करो।”
एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा, “लंबे संघर्ष के बाद उच्च शिक्षा में हासिल संवैधानिक आरक्षण को मनुवादी मोदी सरकार ने लगभग खत्म कर दिया गया है। 200 प्वाइंट रोस्टर के लिए सरकार द्वारा दायर कमज़ोर SLP को सुप्रीम कोर्ट में खारिज कर दिया गया है। अब विभागवार आरक्षण यानी 13 प्वाइंट रोस्टर लागू होगा। मनुवाद मुर्दाबाद!”
बता दें कि तेजस्वी प्रसाद सत्ता पक्ष के नेताओं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और पीएम मोदी को घेरने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं।