एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बीते 14 सितंबर को अहमदाबाद में भारत की पहली बुलेट ट्रेन की नींव रखी, वहीं दूसरी तरफ शनिवार(23 सितंबर) को एक ऐसा मामला आया है जो भारतीय रेलवे की लचर व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जी हां, मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सूरत एक्सप्रेस में जब एसी खराब होने के बाद यात्रियों ने हंगामा करना शुरू किया तो रेल कर्मचारियों ने कोच के शीशे निकालकर ट्रेन को रवाना कर दिया। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूरत से शुक्रवार (22 सितंबर) को मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुई सूरत एक्सप्रेस का एसी शनिवार को ग्वालियर में फेल हो गया। गर्मी से बेहाल थर्ड कोच यात्रियों का आरोप है कि बिना एसी के ही ट्रेन करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर आई, लेकिन रेलवे यह समस्या दूर नहीं कर पाया।
जिसके बाद सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस दोपहर करीब तीन बजे जब लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो नाराज यात्रियों ने परिसर में जमकर हंगामा किया। यह हंगामा करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा। अधिकारियों द्वारा नाराज यात्रियों की मान-मनौव्वल की गई, लेकिन बात नहीं बन पाई। इतना ही नहीं ट्रेन को रवाना करने के लिए कई बार हरी झंडी भी दिखाई गई, लेकिन यात्रियों ने ट्रेन को चलने नहीं दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों को शांत करवाने के लिए स्टेशन मैनेजर बलजोत सिंह गिल ने एसी कोच के चार शीशे निकलवाकर उसे स्लीपर कोच में तब्दील कर ट्रेन को रवाना करवा दिया। यात्रियों का कहना है कि जब हम लोग एसी में सफर ही नहीं कर रहे हैं तो रेलवे हमारा पैसा वापस करे।