कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और मनमोहन सिंह सरकार में विदेश मंत्री रहे कांग्रेस के पूर्व नेता एस एम कृष्णा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो चुके कृष्णा ने कहा कि राहुल गांधी सरकार के कामकाज में लगातार हस्तक्षेप करते थे। राहुल गांधी के निरंतर हस्तक्षेप के कारण उन्हें सरकार और कांग्रेस पार्टी से अलग होना पड़ा।
मैसूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक समूह को संबोधित करते हुए एसएम कृष्णा ने कहा कि 2009 से 2014 तक जब मैं विदेश मामलों का मंत्री था, तब पार्टी में एक घुटन का माहौल था।’ कृष्णा ने राहुल गांधी पर सरकार के महत्वपूर्ण मामलों में भी दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 10 साल पहले राहुल गांधी पार्टी में किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं थे। लेकिन उसके बाद भी पार्टी से जुड़े हर फैसले में वह हस्तक्षेप करते थे।
उन्होंने आरोप लगया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे उस वक्त भी राहुल गांधी के पास कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के लिए भेजे जाते थे, जबकि पीएम को इस विषय में जानकारी भी नहीं रहती थी। कांग्रेस का गठबंधन की सहयोगी पार्टियों पर कोई नियंत्रण नहीं था। इसी वजह से यूपीए 2 के कार्यकाल में एक के बाद एक कई बड़े घोटाले हुए। ऐसी स्थिति तभी होती है जब कोई निर्णायक नेतृत्व नहीं होता है।
कृष्णा ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा इस लिए दिया था, क्योंकि राहुल ने एक आदेश जारी कर कहा था कि 80 साल तक पहुंचने वाले नेताओं को कोई मंत्रालय नहीं देना चाहिए। जब मैंने सुना, तो मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया और बैंगलोर आ गया। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व नेता एस एम कृष्णा 46 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे। साल 2017 में कृष्णा ने कांग्रेस छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए थे।
Ex-Union Min SM Krishna: I was EAM for 3.5 yrs. Manmohan Singh had no say over that portfolio. Rahul Gandhi was then a nobody, not even a General Secy. He issued diktat that those who turned 80 can't be min. When I heard that, I submitted my resignation&came to Bangalore. (09.02) pic.twitter.com/ovrJnOsPi4
— ANI (@ANI) February 10, 2019