हाल ही में मुस्लिम मुद्दों पर विरोधी कवरेज की सीमा को बढ़ाते हुए ‘टाइम्स नाउ’ दक्षिणपंथी विचारधारा के चैनल ‘रिपब्लिक’ से प्रतिस्पर्धा करते हुए आगे बढ़ गया है। चैनल ने हाल ही में अपनी इस्लाम विरोधी कवरेज को बढ़ावा देने की खातिर एक डिबेट का आयोजन किया था, चैनल ने अपने इस शो में केरल में हिन्दु लड़कियों को कथित तौर पर कनवर्ट कराने के आरोप पर बहस का मुद्दा जोरशोर से उठाकर डिबेट का प्रमुख आर्कषण बनाकर पेश करने का दायित्व निभाया।
केरल ऐसा राज्य है जहां बीजेपी अपनी बढ़त बनाने की खातिर ऐसे कई प्रोपेगंडों का आयोजन करने और चुनावी लाभ लेने की खातिर भरपूर प्रयास कर रही हैं।
इस हालिया डिबेट में राॅ के पूर्व अधिकारी आर एस एन सिंह पैगंबर मुहम्मद (PBUH) का अपमान करते हुए दिखाई दे रहे है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तेजी के साथ वायरल हो गया जिससे बाद मुस्लिम वर्ग में काफी गुस्सा और रोष व्याप्त हो गया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि टाइम्स नाउ के एक नियमिक पैनलिस्ट के तौर पर सिंह अपने कट्टरपंथी विचारों के साथ कश्मीर, पाकिस्तान और मुस्लिम विरोधी मुद्दों पर चर्चा करते हुए इस्लाम धर्म में सबसे अधिक सम्मानित और खुदा के बाद लिया जाने वाले नाम के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते है।
इसके बाद वह पैगंबर (PBUH) की श्रद्धेय पत्नी के बारे में अपमानजनक बोलते हुए तथ्यात्मक तौर पर गलत टिप्पणियां करना शुरू कर देता है। फिर वह इस्लाम में खलीफाओं में से एक हजरत अली को हत्या के आरोप से जोड़ते हुए गलत जानकारियां देने लगता है।
सिंह को खुफिया विशेषज्ञ के तौर पर चैनल पर दिखाया गया है जिन्हें कथित रूप से भारतीय सेना और रॉ में कार्य करने का उल्लेख आता है। बहस के दौरान सिंह जोर से चिल्लाते हुए अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाते है और बाकि के पैनलिस्टों के साथ झगड़ा करते हुए देखें जाते हैं।
I plead with Col RSN Singh not to scream & yell on TV. You have powerful facts on your side. U weaken ur case by going hysterical @TimesNow
— MadhuPurnima Kishwar (@madhukishwar) August 31, 2017
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद सिंह पर लोगों ने रोष जताया और अपने गुस्से का इजहार किया जबकि टाइम्स समूह के एक प्रतिष्ठित ब्रांड को इस तरह की कवरेज करने के लिए कटघरे में खड़ा किया। लोगों ने पैगंबर (PBUH) के खिलाफ इस तरह की अपमान जनक टिप्पणी करने के चलते अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।
https://twitter.com/HamzaSaqmd/status/904455255739572224
Another reason to fall in love with him.https://t.co/3Rc95hQLJe
— TIMES NOW (@TimesNow) September 3, 2017
RSN Singh blaspheming Prophet(PBUH) "54 saal ka Buddha" @Shehzad_Ind @AliSohrab007 @KakaVaani @PeaceMoin @IftikharIslam #ArrestRSNsingh pic.twitter.com/B6y5yEp0NF
— Mohd. Anas Khan انس ?? (@anaskhandx) September 3, 2017
https://twitter.com/khushboo1508/status/904273416290689024
https://twitter.com/zubair_burhan/status/904383349518606336
इस मुद्दे पर कानूनी विशेषज्ञों ने जनता का रिपोर्टर को बताया कि सिंह पर इस घृणास्पद बयान के चलते धारा 153 ए के तहत आपराधिक कृत्य का मुकदमा बनता है, क्योंकि उनकी टिप्पणी धर्म, वंश, जन्म स्थान, निवास, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देती है। जिससें और आपसी सद्भाव के मेलजोल के लिए बाधा बनतइ है।
पूर्व में चैनल को अपने दावे जिसमें आतंकी समूह आईएसआईएस के इशारे पर केरल में हिंदुओं को परिवर्तित करने के लिए तथाकथित रेट कार्ड की नकली कवरेज के लिए खेद व्यक्त करना पड़ा था। चैनल के मुख्य संपादक राहुल शिवशंकर को एक बहुत ही पुराने व्हाट्सएप के इस्तेमाल के कारण जिसमें इस्लामिक कथाओं के निर्माण की सुपर एक्सक्लूसिव रिपोटिंग की वजह से व्यापक रूप से निंदा की गई थी।