पत्रकार रवीश कुमार एक आॅडियो आया है, जो तेजी के साथ वायरल हुआ जिसमें वो एनडीटीवी के प्रतिबंध पर बातचीत कर रहे है।
इसमेे एक पत्रकार से बात करते हुए वो कहते है कि ‘मैं चाहता भी हूं कि महाराष्ट्र के जो सजग दर्शक है वो इस बात को नोट में ले कि ये दो तरह से हो रहा है। एक नोटिस भेजकर दबाने की कोशिश कि जा रही है। दूसरा नसीहत दी जा रही हैं।
नसीहत ये दी जा रही कि आप राजनीति ना करें, आप सवाल ना करें और आप अथोरिटी को कोई सवाल ना करें? जबकि संविधान की बुनियादी समझ यहीं कहती हैं कि अथोरिटी वहीं होती है, जिसकी एकाउंटीबिलीटी होती है। इसीलिए अथोरिटी से सवाल करना पत्रकार का बुनियादी काम है।’
लेकिन नोटिस के जरीये धमकाने का सवाल और आॅफ एयर करने की प्रक्रिया है उसका इरादा बस इतना है कि अगर आप सवाल पुछने वालों को दबा सकते है तो आप आम अवाम का सोच लिजिए कि आपका क्या हश्र करने जा रहे है, आपकी क्या हालत करने जा रहे है। आए दिन, एंकरों को, आप अपने पत्रकार मित्रों को सुनते रहे होगें हमसे भी जो जुनियर है वो फोन पर कहते है सर ये बात फोन पर मत करों कोई टेप कर रहा होगा। आप मैसेज लिख कर मत दो कोई देख लेगा, कोई सरकार देख लेगी।’