छत्तीसगढ़ के दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार(29 जुलाई) मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मई 2014 में जब से यह सरकार आई है, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में अशांति शुरू हुई है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के शासनकाल में देश के अलग-अलग हिस्सों में फैली अशांति से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), चीन और पाकिस्तान को फायदा हो रहा है।
फाइल फोटो: PTIराहुल ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में शांति थी. यूपीए सरकार के दौरान वहां आतंकवाद कमोबेश खत्म हो गया था।’ उन्होंने कहा, ‘हमने अलग-अलग तबकों के लोगों से बात की। हमारा विचार था कि लोगों से संपर्क कायम करें, युवाओं को नौकरियां मुहैया कराएं। हमने पंचायती राज चुनाव कराए।’
उन्होंने कहा कि, ‘जब हम 2004 में सत्ता में आए, तो हमने जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे आतंकवाद को नियंत्रित कर लिया और यह कमोबेश खत्म हो गया था।’ उन्होंने आरोप लगाया, लेकिन अब देश में हर जगह- श्रीनगर, सिक्किम और बस्तर में अशांति है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु से भी शांति गायब हो गई।
कश्मीर में टकराव से किसका फायदा हो रहा है? आरएसएस, पाकिस्तान और चीन का। राहुल ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए की सरकार थी तो आप सबने देखा है कि जम्मू-कश्मीर के लोग किस तरह शांति से रह रहे थे। उन्होंने दावा किया, हालात उस वक्त खराब हुए जब भाजपा ने वहां पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाई।
इसी तरह, छत्तीसगढ़ में आरएसएस और उद्योगपतियों को बस्तर में टकराव का फायदा मिल रहा है। राहुल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल, जंगल और खनिज के मामले में समृद्ध राज्य है और वे आपके संसाधन छीनना चाहते हैं और वे तब तक ऐसा नहीं कर सकते जब तक संकट पैदा न हो। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि आरएसएस चाहता है कि दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय के लोग कमजोर और दबे रहें, ताकि वह उन पर राज कर सके।