नागरिकता संशोधन कानून पर मतभेद के बीच सत्ताधारी जनता दल यूनाईटेड (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को पटना में बिहार के मुख्यमंत्री और JDU चीफ नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि जेडीयू को नागरिकता संशोधन कानून से बहुत दिक्कत नहीं है, बशर्ते यह एनआरसी (नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) के साथ न हो।

प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “उन्होंने कहा कि हम नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) के समर्थन में नहीं हैं। नागरिकता कानून से हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यह एनआरसी के साथ मिलकर भेदभाव भरा हो जाता है।”
जनता दल-युनाइटेड (JDU) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि, “नागरिकता कानून पर मेरा रुख अभी भी वही है। मैंने इसे सार्वजनिक रूप से कहा है, न केवल नीतीश कुमार के लिए बल्कि सभी के लिए।”
Janata Dal-United (JDU) Vice President Prashant Kishor after meeting Bihar CM in Patna: He said that we are not in favour of National Register of Citizens (NRC). There is no problem per se with #CitizenshipAmendmentAct, but it becomes discriminatory when combined with NRC. https://t.co/0eeFZQ5C3C
— ANI (@ANI) December 14, 2019
बता दें कि, बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाईटेड (JDU) के अंदर नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद में समर्थन करने के जेडीयू के फैसले का पार्टी के ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर खुलकर विरोध कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी को 2015 के विधानसभा चुनाव की भी याद दिलाई थी। पीके ने कहा था कि CAB का समर्थन करते हुए जेडीयू नेतृत्व को एक पल के लिए उन सभी के बारे में विचार करना चाहिए, जिन्होंने 2015 में उनमें आस्था और विश्वास को दोहराया था।