प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीएम मोदी छात्रों के साथ बातचीत के दौरान डिस्लेक्सिया का मजाक उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री द्वारा डिस्लेक्सिका का मजाक उड़ाए जाने पर हैरान जताते हुए शर्मनाक करार दिया है। लोगों का कहना है कि डिस्लेक्सिया जैसी गंभीर बीमारी को लेकर देश के प्रधानमंत्री का यह बयान हैरान करने वाला है।
दरअसल, शनिवार को पीएम मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करते हुए खड़गपुर के छात्रों के एक समूह में शामिल उत्तराखंड की एक छात्रा ने बताया कि वह डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों के लिए प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। छात्रा ने बताया कि यह उन बच्चों के लिए है, जिनकी राइटिंग और लर्निंग स्किल काफी कम होती है। हालांकि उनका क्रिएटिविटी लेवल काफी अच्छा होता है। बता दें कि डिस्लेक्सिया से पीडि़त बच्चों पर आमिर खान स्टारर सुपरहिट फिल्म तारे जमीं पर रिलीज हुई थी।
इस पर पीएम मोदी ने डिस्लेक्सिया का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘क्या यह 40 से 50 साल के बच्चों के लिए भी काम आएगा।’ अपने ही मजाक पर खुद पीएम मोदी हंसने लगे। जिसके बाद पीएम मोदी सहित सभी छात्र हंसने लगे और छात्रा ने संकोच के साथ कहा, जी सर। फिर पीएम मोदी ने कहा कि फिर तो ऐसे बच्चों की मां बहुत खुश हो जाएगी। दरअसल, पीएम मोदी ईशारों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन इस गंभीर बीमारी तंज कस खुद मजाक का पात्र बन गए। सोशल मीडिया यूजर्स पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं।
During interaction with students sitting at IIT-Kharagpur, Narendra Modi took pot shots at Rahul Gandhi. Modi thinks Rahul Gandhi suffers from dyslexia.
This is shameful conduct by PM in front of students.
— Rohin Makkar (@rohino) March 3, 2019
Using 'dyslexia' to mock political opponent & his mother, in front of students. This guy belongs in the "International Hall of Shame" https://t.co/04i6EcDdDW
— Sasidharan Pazhoor (@inquestioner) March 3, 2019
Cant believe. PRIME MINISTER making fun of Dyslexia !!https://t.co/uj8OmUi3eO
— Vinod Kapri (@vinodkapri) March 2, 2019
He has caused irreparable damage to the office of PM. He makes fun of dyslexic children and their mothers and then laughs at his own crude joke @JantaKaReporter https://t.co/TMSW9VY82t
— Rifat Jawaid (@RifatJawaid) March 3, 2019
A Prime Minister mocking dyslexia is nothing short of insensitive and shameful. Nothing funny or 'savage' in it.
— Roshan Rai (@RoshanKrRai) March 2, 2019
https://twitter.com/PialiC/status/1102029473023778816?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1102029473023778816&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Fentertainment%2Fpm-modi-stoops-to-new-low-as-he-makes-fun-of-dyslexia-during-interaction-with-students-then-laughs-endlessly-on-his-own-joke%2F234609%2F
https://twitter.com/Shishir_Singh76/status/1102074559316951040?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1102074559316951040&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Fentertainment%2Fpm-modi-stoops-to-new-low-as-he-makes-fun-of-dyslexia-during-interaction-with-students-then-laughs-endlessly-on-his-own-joke%2F234609%2F
Making fun of Dyslexia to target political opponent. There is no low which is too Low for Narendra Modi. Worse are the students who were clapping but cant blame them. When the PM of the Nation is such a Cheap Man, they had to entertain him pic.twitter.com/bJ7apIlpup
— Joy (@Joydas) March 3, 2019
It is utterly disgusting for a PM to make fun of dyslexia for his distasteful political humor. Challenging the earth’s core for a new low here! pic.twitter.com/VbBYFzp8kV
— Aakash Mawal (@aakashmawal) March 3, 2019
बता दें कि डिस्लेक्सिया सीखने और पढ़ने से संबंधित एक गंभीर बीमारी है जो आमतौर छोड़े बच्चों में देखने को मिलता है। इस बीमारी में अक्षरों के लिखित रूप और उनके उच्चारण के संबंध की पहचान करने में दिक्कत के कारण अक्षरों को पढ़ने में समस्या होती है। डिस्लेक्सिया में पढ़ना, लिखना और शब्दों का विन्यास कर पाना मुश्किल होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मस्तिष्क शब्दों या अक्षरों को मिला देता है। डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे अक्सर बोलने वाले और लिखित शब्दों को याद नहीं रख पाते हैं।