आम जनता पर महंगाई की मार जारी: पेट्रोल और डीजल की कीमत में फिर से बढ़ोतरी, पांच दिन में 3.20 रुपये लीटर हुआ महंगा

0

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद एक बार फिर से आम जनता पर महंगाई की मार पड़नी शुरु हो गई हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमत में शनिवार (26 मार्च) को 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। तेल कंपनियां कच्चे माल की कीमत में बढ़ोतरी का भार उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जिसके चलते पिछले पांच दिन में चौथी बार कीमत में बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल और डीजल

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की तरफ से जारी मूल्य संबंधी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.81 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर अब 98.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 89.07 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 89.87 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

बता दें कि, पेट्रोल तथा डीजल की कीमत साढ़े चार महीने तक स्थिर रहने के बाद 22 मार्च को 80 पैसे बढ़ाई गई थी। इसके बाद से इनकी कीमतों में प्रति लीटर 80-80 पैसे की तीन बार बढ़ोतरी की गई। इन कुल चार बार में पेट्रोल और डीजल के दाम में कुल 3.20 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले चार नवंबर, 2021 से ही पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। हालांकि, इस अवधि में कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई थी।

विधानसभा चुनाव के 10 मार्च को नतीजे आने के साथ ही पेट्रोल एवं डीजल के दाम में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों ने कुछ दिन और इंतजार किया। ऐसा कहा जा रहा है कि अब पेट्रालियम विपणन कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर रही हैं। भारत अपनी तेल की जरूरत पूरी करने के लिए आयात पर 85 फीसदी निर्भर है। (इंपुट: भाषा के साथ)

[Please join our Telegram group to stay up to date about news items published by Janta Ka Reporter]

Previous articleउत्तर प्रदेश: योगी आदित्‍यनाथ के नए मंत्रिमंडल में दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, मोहसिन रजा समेत कई दिग्गजों को नहीं मिला दोबारा मौका; जानें कितनों ने गंवाया मंत्री पद
Next articleAAP के कोटे से राज्यसभा सदस्य बने हरभजन सिंह जीत का सर्टिफिकेट लेने नहीं पहुंचे, चुनाव आयोग के अधिकारी नाखुश