गुरुवार को नागपुर में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर से राष्ट्रवादियों के ऊपर कटाक्ष करते हुए कहा समाज में ऐसे कई तबके हैं, जो ‘भय के माहौल’ में रह रहे हैं और वर्तमान की हालत ऐसी है कि अगर कोई पतंजलि ब्रांड का फेसवॉश नहीं लगाता है, तो उसे भी ‘राष्ट्रविरोधी’ ठहराया जा सकता है।
कन्हैया ने कहा कि बाबासाहब ने ऐसा संविधान तैयार किया कि इसमें समाज के हर सदस्य को कई प्रकार से आजादी मुहैया कराई गई है, लेकिन संविधान में निहित आजादी समाज के एक बड़े हिस्से को नहीं मिल सकी है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिदृश्य में, ‘गरीब, दलित, महिलाएं, आदिवासी, पिछडे वर्ग, अल्पसंख्यक और यहां तक कि बुद्धिजीवी सहित समाज के विभिन्न तबके भय में रहते हैं।’
आपको बता दे कि कन्हैया कुमार पर लगे राजद्रोह के आरोप को साबित करने में दिल्ली पुलिस नाकाम साबित हुई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से तैयार चार्जशीट से इस बात का खुलासा हुआ था कि जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ गत वर्ष 9 फरवरी को देशद्रोह से जुडी धाराएं लगाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र कन्हैया कुमार ने मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।