नोटबंदी लागू होने के 50 दिन पूरे होने वाले हैं। ऐसे में विपक्ष एक बार फिर एकजुट होकर सरकार को घेरने की योजना बना रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी विपक्षी दलों को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भेजा है।
ताकि पूरा विपक्ष मिलकर नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों खासकर नोटबंदी और सेनाध्यक्ष के नियुक्ति में संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने की मुखालफत कर सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कांग्रेस के स्थापना दिवस 28 दिसंबर से एक दिन पहले आयोजित किया जाएगा। सोनिया गांधी भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहेंगी।
दिल्ली कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 27 दिसंबर को 16 विपक्षी दलों के नेता मिलेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला किया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आएंगी। सीताराम येचुरी भी इसमें शामिल होंगे। विपक्षी दलों की रणनीति नोटबंदी के खिलाफ इस लड़ाई को राज्यों तक ले जाने की है।
इससे पहले 26 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी के वॉर रूम में 100 से ज्यादा नेता जुटेंगे और वो नोटंबदी पर चर्चा करेंगे। आम आदमी को नोटबंदी के साइड इफेक्ट बताने के लिए नेताओं को अलग-अलग राज्यों में भेजा जाएगा।
बहरहाल, 27 दिसंबर को होनी वाली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आगामी यूपी चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि यूपी चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की बात लगभग पक्की होने जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं हुई है।