संजय राउत बोले- ‘हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी, कानून बनाने में कितना टाइम लगता है?’

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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या पहुंचने से पहले ही पार्टी राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासी पारा बढ़ने में लगी है। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य व फायरब्रांड नेता संजय राउत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि हमने 17 मिनट में बाबरी मस्जिद को तोड़ दी, लेकिन कानून बनाने में कितना टाइम लगता है? शिवसेना नेता ने कहा है कि राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है। राज्यसभा में ऐसा बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे जो विरोध करेंगे उसको देश में घूमना मुश्किल होगा।

File Photo: DNA

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, “हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी, तो कानून बनाने में कितना टाइम लगता है? राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है। राज्यसभा में ऐसे बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे, जो विरोध करेगा उसका देश में घूमना मुश्किल होगा।”

आपको बता दें कि इससे पहले शिवसेना ने शुक्रवार को बीजेपी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा। बीजेपी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में लिखा है कि सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए, जिन्होंने रामजन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया। शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, साथ ही संपादकीय में लिखा है, ‘हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं।’ शिवसेना ने दावा किया कि उसने ‘चलो अयोध्या’ का नारा नहीं दिया है। उसने कहा, ‘अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है। शिवसैनिक वहां भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं। अयोध्या में अब रामराज नहीं, सुप्रीम कोर्ट का राज है।

संपादकीय में आगे कहा गया है कि 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने रामजन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था। फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं। अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर तोहमत लगाने की जगह सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए।’ गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे।

 

 

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