लोकसभा में गुरुवार (26 जुलाई) को मध्य प्रदेश के गुना से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में शिवपुरी-देवास ‘फोर-लेन’ राजमार्ग के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाए जाने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने विभाग की ओर से माफी मांगी।
File Photo: Dainik Bhaskarज्योतिरादित्य ने अपने ही लोकसभा क्षेत्र में राजमार्ग के उद्घाटन समारोह में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने और आमंत्रणपत्र में भी नाम नहीं दिए जाने पर लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। सिंधिया ने यह भी कहा कि गुना में हुए लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी भी गए थे।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक लोकसभा में शून्यकाल शुरू होते ही सिंधिया ने कहा, ‘स्थानीय सांसदों को प्रोटोकाल के तहत ऐसे कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाना चाहिए।’ इसके जबाव में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने माफी मांगी और स्वीकार किया कि यह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी ली और इसे सत्य पाया। वह कार्यक्रम संबद्ध मंत्रालय ने आयोजित किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुझे यह पता है और जब मैं वहां उपस्थित था, मुझे इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। सांसद का नाम वहां होना चाहिए। सभी लोगों की तरफ से मैं माफी मांगता हूं और यह दोबारा नहीं होगा।’ इस दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के सहयोग से सिंधिया और मध्य प्रदेश के सतना से बीजेपी सांसद गणेश सिंह और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बीच वाकयुद्ध हुआ।
इस जवाब से असंतुष्ट सिंधिया ने कहा कि सांसदों के हितों की रक्षा होनी चाहिए और इस गलती के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाही की जानी चाहिए, क्योंकि यह मामला एक सांसद के विशेषाधिकार हनन का मामला है। सिंधिया के शांत नहीं होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन मध्यस्थता करते हुए कहा, ‘संरक्षण देने के लिए क्या मुझे एक लट्ठ लेके देना चाहिए। मैं गडकरी जी की प्रशंसा करूंगी कि उन्होंने माफी मांगी, लेकिन दूसरे पक्ष का व्यवहार प्रशंसनीय नहीं है।’