वरिष्ठ पत्रकार और समाचार चैनल इंडिया टीवी के चेयरमैन व एडिटर इन चीफ रजत शर्मा अपने एक ट्वीट को लेकर एक बार फिर से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए है, लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले ने भी रजत शर्मा पर निशाना साधा है।

दरअसल, रजत शर्मा ने मंगलवार (14 अप्रैल) को मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए प्रवासी मजदूरों से जुड़ा ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘बांद्रा में जामा मस्जिद के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा होना चिंता की बात है। इन्हें किसने बुलाया? अगर ये लोग घर वापस जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे तो उनके हाथों में सामान क्यों नहीं था?’
बांद्रा में जामा मस्जिद के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा चिंता की बात है. इन्हें किसने बुलाया? अगर ये लोग घर वापस जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे तो उनके हाथों में सामान क्यों नहीं था?
— Rajat Sharma (@RajatSharmaLive) April 14, 2020
रजत शर्मा अपने इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए, लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया। उनके इस ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
रजत शर्मा के ट्वीट तीखी प्रतिक्रिया देते हुए निखिल वागले ने लिखा, “आप बडे बेशर्म है। एक तो मुंबई के बारे मे कुछ नही जानते और कोशिश कर रहे है कम्युनल कलर देने की। इस मस्जिद के सामने बांद्रा स्टेशन है और ये लोग वहां टिकट लेने आए थेष। आप जैसे किसी घटिया चॅनलने ट्रेन शुरू होने की अफवा उडायी थी। बस्स?”
आप बडे बेशर्म है. एक तो मुंबई के बारे मे कुछ नही जानते और कोशिश कर रहे है कम्युनल कलर देनेकी. इस मस्जिद के सामने बांद्रा स्टेशन है और ये लोग वहां टिकट लेने आए थे. आप जैसे किसी घटिया चॅनलने ट्रेन शुरू होने की अफवा उडायी थी. बस्स? https://t.co/Od2nBTMFok
— nikhil wagle (@waglenikhil) April 14, 2020
गौरतलब है कि, मंगलवार दोपहर को बांद्रा रेलवे स्टेशन के समीप 1,000 से अधिक प्रवासी कामगार उमड़ पड़े थे जिनमें से अधिकतर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के थे। वे मांग कर रहे थे कि राज्य सरकार उनके लिए यातायात का प्रबंध करें ताकि वे अपने-अपने शहर और गांव लौट सकें। बताया जा रहा है कि ट्रेन चलने की अफवाह के बाद ये भीड़ वहां एकत्रित हुई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तो खत्म कर दिया।
भीड़ का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मीडिया संस्थानों के कुछ लोगों ने इस भीड़ को मस्जिद से जोड़ने की कोशिश की जबकि इस भीड़ से मस्जिद या मुस्लिम समुदाय का कोई लेना देना नहीं था।