कर्नाटक में इस साल विधानसभा चुनाव होने है, राज्य में चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस की बीच बयानों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच, कर्नाटक दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से शनिवार(24 मार्च) को मैसूर के महारानी आर्ट कॉलेज फॉर विमेन में छात्राओं को संबोधित किया।
@INCIndia- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीकॉलेज में छात्राओं से बातचीत के दौरान एक छात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल पूछा था कि अगर मैं एनसीसी का सी सार्टिफिकेट लेती हूं तो आप मुझे इसके क्या लाभ देंगे। छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, ‘मैं एनसीसी के बारे में ज्यादा डिटेल में नहीं जानता हूं, इसलिए इस पर ठीक से जवाब नहीं दे पाउंगा। लेकिन एक युवा भारतीय व्यक्ति के रूप में, मैं आपको अवसर देना चाहता हूं जहां आप शिक्षा और सफल भविष्य प्राप्त कर सकते हैं।’
इसी बात पर दिनभर सोशल मीडिया पर लोग बहस करते रहें। जिसके कुछ देर बाद समाचार एजेंसी ANI ने ‘एनसीसी कैडेट’ का एक साक्षात्कार किया। जिसमें ‘एनसीसी कैडेट’ ने कहा कि, ‘मैं आश्चर्यचकित हूं कि राहुल गांधी को इसके बारे में पता नहीं है।’
उत्तर प्रदेश के एनसीसी कैडेट संजाना सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि, ‘एनसीसी देश की दूसरी रक्षा पंक्ति है। मैं आश्चर्यचकित हूं कि राहुल गांधी को इसके बारे में पता नहीं है। उम्मीद है कि राहुल इसके बारे में सिखेंगे, देश के नेताओं को इसके बारे जानना महत्वपूर्ण है।’
वहीं, हार्दिक दहिया नाम के एक कैडेट ने भी समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि, ‘हम समाज के लिए भी बहुत कुछ करते हैं, एनसीसी दूसरी सेना की तरह है। हम सी सर्टिफिकेट वाले लगभग 15 लाख कैडेट हैं, उसे कम से कम इसके बारे में पता होना चाहिए।
लेकिन कुछ देर बाद संजाना सिंह को ट्विटर पर ज्ञान की अपनी कमी के लिए सामना करना, जिसने एनसीसी को देश की दूसरी रक्षा पंक्ति बताया था। कई पत्रकारों ने ‘कैडेट’ को याद दिलाया कि एनसीसी सशस्त्र बलों के लिए रक्षा की दूसरी पंक्ति नहीं है। जबकि अन्य लोग इस बात को सोचने लग गए कि, क्या वास्तव में यह लड़की एनसीसी कैडेट थी। कई लोग आश्चर्यचकित थे कि आधिकारिक वर्दी में एनसीसी कैडेट कैसी राजनीतिक बयान कर रहीं है।
वहीं, एक यूजर्स ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘इसमें गलत क्या है यह समझ नहीं आ रहा। एक लड़की ने ईमानदारी से सवाल पूछा और राहुल ने ईमानदारी से बता दिया कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं। बहस क्या है- उन्हें झूठ बोलना चाहए था?’
वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, NCC के कपड़े पहनने से पहले उसके उसके बारे में कुछ पढ़ भी लेती। साथ यूजर ने एनसीसी कैडेट से सवाल किया कि, ‘NCC कब से सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस बन गयी?’
Is this the new uniform of RSS’s women’s wing? She sure sounds like she’s from there, disgracing uniform by making political statements. https://t.co/oPOvwJ4iDg
— saliltripathi (@saliltripathi) March 24, 2018
इसमें गलत क्या है यह समझ नहीं आ रहा। एक लड़की ने ईमानदारी से सवाल पूछा और राहुल ने ईमानदारी से बता दिया कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं। बहस क्या है-उन्हें झूठ बोलना चाहये था? https://t.co/fHT6E6bVgh
— Narendra nath mishra (@iamnarendranath) March 24, 2018
https://twitter.com/NiteshP33964174/status/977811239362547713
ये NCC के कपड़े पहन तो लिए उसके बारे में कुछ पढ़ भी लेती।
NCC कबसे सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस बन गयी ?? मतलब कुछ भी पेल दो मीडिया वाले काउंटर क्वेश्चन करेंगे नही। और भक्त बिना समझे RT मार ही देंगे। https://t.co/aQCPM39dqI— Joshi JI (@JoshiJi_) March 24, 2018
I think this cadet first needs to learn that the NCC isn’t India’s second line of defence. It’s the Territorial Army that’s the second line of defence! She should first read up on it before rushing to ANI! https://t.co/5WVhItIBPQ
— Rohini Singh (@rohini_sgh) March 24, 2018
The NCC is a voluntary group of school and college kids. It's a way to get young people to accept a disciplined way of life. It's not any line of defence and this girl needs a reality check. https://t.co/XJqxJHB41P
— Raghav Chopra (@RaghavChopra_) March 24, 2018
Before lecturing RG about the benefits C certificate holder of NCC should get, this kid should know that NCC is not our second line of defence. And I see how the uniform is misused while making a political statement to a TV camera. Not fit to be in NCC or any disciplined force. https://t.co/4O6zn4OvA3
— Sushant Singh (@SushantSin) March 24, 2018
It was then, not now… BSF hai abhi…
— तस्सवुर शेख (@tassavur) March 25, 2018