गौरतलब है कि शरीफ-जिंदल के बीच मुलाकात के बाद पाकिस्तान में काफी बवाल मचा था। पाक मीडिया ने तो स्टील कारोबारी जिंदल और शरीफ की मीटिंग को ‘गुप्त मीटिंग’ करार दे दिया था। इस मुलाकात पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ ने कहा था कि सज्जन जिंदल के साथ उनके पिता की मुलाकात गुप्त नहीं थी।
मरियम ने एक ट्वीट में लिखा था कि जिंदल और शरीफ की दोस्ती काफी पुरानी है और उनकी मुलाकात भी दोस्ताना थी। पाकिस्तान के पीएम शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने बुधवार को कहा था कि अगर भारत इच्छा जताता है तो पाकिस्तान कजाकिस्तान में 8-9 जून को होने वाले एसईओ सम्मेलन में शरीफ और पीएम नरेंद्र मोदी के मुलाकात पर विचार कर सकता है।
नवाज और जिंदल की मुलाकात पर क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर दिया था और इस ‘गुप्त’ बैठक पर चिंता जताई थी। खबरों के मुताबिक 25 दिसंबर 2015 को लाहौर में शरीफ के एक पारिवारिक समारोह में मोदी और शरीफ के मुलाकात के पीछे जिंदल की भूमिका मानी जाती है।