रविवार को भारतीय नौसेना दिवस मनाया गया। नेवी डे के मौके पर नौसेना चीफ अपने आवास पर कार्यक्रम रखते हैं। लेकिन गोवा में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने की वजह से रक्षामंत्री पर्रिकर कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत, सेना प्रमुख दलबीर सिंह, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा और वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने अमर जवानों को याद किया। भारतीय नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नौसेना को बधाई दी। पीएम ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘सभी नौसेना कर्मियों और उनके परिवारों को इस दिवस की बधाई। हम नौसेना के अहम योगदान की सराहना करते हैं।
Navy Day greetings to all navy personnel & their families. We cherish the vital role of the navy & salute the bravery of our navy personnel.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 4, 2016
इसके अलावा नौसेना दिवस पर अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर सेना प्रमुख दलबीर सिंह, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा और वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने अमर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जनसत्ता की खबर के अनुसार, नेवी डे के मौके पर नौसेना चीफ अपने आवास पर कार्यक्रम रखते हैं, मगर पर्रिकर गोवा में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने की वजह से कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाएंगे। गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसा दूसरी बार है कि जब राजनैतिक कारणों की वजह से रक्षामंत्री पर्रिकर भारतीय सेना के सेवा दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। वह इससे पहले एयरफोर्स दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा नहीं ले पाए थे।
बल्कि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी ट्विटर पर नौसेना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि ”इस नौसेना दिवस पर, मैं भारतीय नौसेना के सभी अधिकारियों, नाविकों और नागरिकों को बधाई देता हूं। उनकी सफलता की कामना करता हूं।”
On this Navy Day, my greetings to all officers, sailors & civilians of the Indian Navy. Wishing them continued success.
— Manohar Parrikar Memorial (@manoharparrikar) December 4, 2016
वर्ष 1934 में रॉयल इंडियन नेवी की स्थापना हुई थी। वर्ष 1950 में गणतंत्र लागू होते ही भारतीय नौसेना ने रॉयल नाम को त्याग दिया था। चार दिसंबर को नौसेना दिवस मनाने के पीछे इसका गौरवमयी इतिहास है।
‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत चार दिसंबर वर्ष 1971 को भारतीय नौसेना ने करांची नौसैना के अड्डे (तेल डिपो भी शामिल) पर पहली बार जहाज से मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया था। पाकिस्तान के तीन जहाज नष्ट कर दिए थे। इसी ऑपरेशन को जीतने की खुशी में चार दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।