इरशाद अली
मुम्बई पुलिस की बहादूरी का एक और नया कारनामा गुलाम मकबूल शेख के वीडियों से सामने आ गया है जिसमें अंधेरी पुलिस स्टेशन में कई पुलिस वालों ने मिलकर एक जोड़े की ना सिर्फ निर्ममता से पिटाई की बल्कि मानवीयता की सारी हदें पार करते हुए बेशर्मी के साथ कैमरे के सामने ही अपनी इस शर्मनाक हरकत को अंजाम देते रहे।
https://youtu.be/cqRo81QTywE
वीडियों में जिस तरह से पुलिस वाले इन मासूम बच्चों को मार रहे है उससे पता चलता है कि इन पर किसी तरह की कोई पाबन्दी और कानून का डर नहीं बल्कि उन्होने दिखा दिया कि वे बैखोफ होकर कुछ भी कर सकते है।
जिस प्रकार से महाराष्ट्र सरकार अपनी कारगुजारियों को अंजाम दे रही है उससे उनकी पुलिस को दी जा रही छूट इस वीडियों में सामने आ जाती है।
घटना के चश्मदीद गवाह गुलाम मकबूल एक एनजीओ वर्कर है जिन्होंने इस वीडियो को उतारा है, मकबूल ने बताया कि पुलिस वालों ने लड़की को इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसके मुंह से खून निकल पड़ा और मुझे वीडियों शूट छोडकऱ उसे बचाने के लिये बीच में आना पड़ा लेकिन पुलिस वाले नहीं रूके।
मकबूल आगे बताते है कि पुलिस वालों को अपने करियर बनाने की फिक्र थी, जब मकबूल ने उन्हें छोड़ने की बात कही तो पुलिस वालों ने झूठा केस दर्ज करने की बात कही तब मकबूल को मजबूर होकर वीडियों को सामने लाना पड़ा।
बेलगाम पुलिस और ऐसी पुलिस को संरक्षण देती सरकार की किसी के प्रति कोई जवाबदेही नहीं बनती क्योंकि अच्छे दिनों की बानगी में से ये भी एक दिन है।