मणिपुर में दो चरणों में 4 और 8 मार्च को मतदान होना है। आचार संहिता लागू होने के बावजूद केंद्र सरकार ने जबरदस्त हिमाकत दिखाते हुए चुनाव आयोग के आदेशों की अवहेलना की है। आयोग मोदी सरकार से इस बात से नाराज हुआ है कि 28 फरवरी को आयोजित एक समारोह में रियो ओलिंपिक में शामिल होने वाले पूर्वोत्तर के 11 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया था। जबकि राज्य में 4 जनवरी को ही आचार संहिता लागू हो गई थी।
मणिपुर से भारतीय महिला हॉकी की कप्तान पी.सुशीला चानू, एल बॉमबेयला देवी (निशानेबाजी), के चिंग्लेनसान सिंह और के कोठाजीत सिंह (पुरुष हॉकी) और सॉयकॉम मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) को 28 फरवरी को आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया था। जिन 9 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया उनमें से पांच मणिपुर के हैं। आयोग ने मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाड़ियों को मंत्रालय में बुलाकर सम्मानित करने को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आयोग ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में बिना चुनाव आयोग को बताए यह सम्मान समारोह किया गया। नियमों के मुताबिक आचार संहिता लागू होने पर सरकारें कोई ऐसा काम नहीं कर सकतीं जो मतदाता को लालच देने या रिझाने के लिए हो और जिसका असर पक्षपात पूर्ण होता हो। इसी बात के मद्देनजर यह चिट्ठी लिखी गई है। अब सरकार को 4 मार्च को अपराह्न 3 बजे तक आयोग को जवाब देना है।