वैचारिक लड़ाई लड़ने के राष्ट्रपति पद की विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार के दावे को लेकर उन पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने गुरुवार(20 जुलाई) को कहा कि वह कांग्रेस की वंशवाद की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीं उसके प्रत्याशी रामनाथ कोविंद ने वंचित समूहों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा कि यह कांग्रेस नीत गठबंधन के समर्थन वाले वंशवाद के खिलाफ राजग के योग्यता के आधार पर चुने गये उम्मीदवार की वैचारिक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दलित सशक्तिकरण का नारा फर्जी साबित हुआ, क्योंकि उसने 2007 और 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में किसी दलित को नहीं उतारा था।
बीजेपी प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि वंचित वर्ग से राष्ट्रपति निर्वाचित करने की हमारी प्रतिबद्धता यथार्थपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष वोट बैंक की राजनीति के लिए खड़ा है वहीं बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ है, विपक्ष भ्रष्टाचार के लिए खड़ा है तो बीजेपी ईमानदार शासन के लिए खड़ी है। विपक्ष सेना के अपमान के लिए खड़ा है तो बीेजपी सुरक्षा बलों के सम्मान के लिए खड़ी है।
रामनाथ कोविंद देश के नये राष्ट्रपति निर्वाचित
बता दें कि राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार को भारी बहुमत से उन्हें देश का 14वां राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किया गया। राष्ट्रपति चुनाव के लिये निर्वाचन अधिकारी अनूप मिश्रा ने बताया कि कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पराजित किया। कोविंद को निर्वाचक मंडल में 65 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए।
71 वर्षीय कोविंद दूसरे दलित नेता है जो इस शीर्ष संवैधानिक पद को सुशोभित करेंगे। कोविंद को 2930 मत प्राप्त हुए जिसका मूल्य 7,02,044 मत है। उनसे पूर्व के. आर नारायणन दलित समुदाय से देश के पहले राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। कोविंद बीजेपी के पहले सदस्य हैं जो राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं।
गौरतलब है कि मीरा कुमार भी दलित समुदाय से आती हैं और उन्हें 1844 मत प्राप्त हुए जिसका मूल्य 3,67,314 है।राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में 4,896 मतदाता है, जिसमें से 4,120 विधायक और 776 सांसद शामिल हैं।