यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे मेघालय के राज्यपाल वी षण्मुगनाथन ने आज रात इस्तीफा दे दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा था कि वह षण्मुगनाथन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
जबकि राजभवन के करीब 80 कर्मियों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर राज्यपाल को हटाने और राजभवन की गरिमा बहाल करने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की थी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मियों ने आरोप लगाया था कि षण्मुगनाथन ने राजभवन की गरिमा से गंभीर समझौता किया है और उन्होंने इसे युवतियों का क्लब बना दिया है।
Meghalaya governor V Shanmuganathan has resigned: Raj Bhavan sources
— ANI (@ANI) January 26, 2017
राजभवन के कर्मचारियों ने राज्यपाल पर अपने ‘दफ्तर की गरिमा से समझौता’ करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उनकी शिकायत की थी। इस पत्र पर राजभवन के 98 कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए थे।
उन्होंने कहा था, यह एक ऐसा स्थान बन गया है जहां राज्यपाल के प्रत्यक्ष आदेश से युवतियां अपनी मर्जी से आती-जाती हैं। कई की पहुंच सीधे उनके शयन कक्ष तक है।
तमिलनाडु से वरिष्ठ आरएसएस कार्यकर्ता 68 वर्षीय षण्मुगनाथन ने बतौर राज्यपाल 20 मई 2015 को कार्यभार संभाला था। जेपी राजखोवा को हटाए जाने के बाद उन्हें अरुणाचल प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।