गम्भीर आरोपों के चलते शिलॉन्ग राजभवन के 80 से ज्यादा कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को खत लिखकर मेघालय के राज्यपाल वी शानमुगनाथन को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है। इस पत्र में राज्यपाल पर यौन शोषण, छेड़खानी और राजभवन को यंग लेडिज क्लब में बदल देने का आरोप है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा लिखे गए खत में कहा गया है राज भवन की सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। राज भवन अब एक ऐसी जगह बन गई है कि राज्यपाल वी शानमुगनाथन के आदेश के साथ युवा लड़कियां आती हैं और सीधे अंदर जाती हैं।
आपको बता दे कि तमिलनाडु से वरिष्ठ RSS कार्यकर्ता 68 वर्षीय शानमुगनाथन ने बतौर राज्यपाल 20 मई 2015 को कार्यभार संभाला था।
कर्मचारियों का आरोप है कि इससे राज्यपाल की गतिविधियों की वजह से राजभवन की मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पत्र में कहा गया है कि राज भवन अब एक ऐसी जगह बन गई है कि राज्यपाल के आदेश के साथ युवा लड़कियां आती हैं और सीधे अंदर जाती हैं।’
जबकि इस मामले में जनसत्ता लिखता है कि राज्यपाल के सचिव एच एम शंगपलियांग ने कहा कि शानमुगनाथन ने मंगलवार को शिलॉन्ग प्रेस क्लब में टेलिकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी बात रखी थी। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का खंडन किया था। कहा गया कि दिसंबर की शुरुआत में राज भवन में पीआरओ की पोस्ट के लिए इंटरव्यू देने आई थीं।
महिला के हवाले से अखबार ने लिखा है कि राज्यपाल ने कथित तौर पर उन्हें हग किया और किस किया। हालांकि, अखबार ने राज्यपाल के हवाले से लिखा है कि उन्होंने उन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि राज भवन की महिला कर्मचारी उनकी बेटी और पोतियों जैसी हैं।