तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार को कहा कि मेघालय में कांग्रेस के 17 में से 12 विधायक पार्टी में शामिल हो गए हैं। इन 12 विधायकों में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा भी शामिल हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता संगमा कथित तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नाखुश चल रहे थे।
फाइल फोटोमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में विधायक पहले ही विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख चुके हैं। कांग्रेस नेताओं के इस दल बदल के बाद तृणमूल कांग्रेस राज्य में प्रमुख विपक्षी दल बन गई है। बता दें कि, पिछले कुछ महीनों से राज्य में तृणमूल कांग्रेस विस्तार की राह पर चल रही है।
इस बीच, कांग्रेस विधायक एच एम शांगप्लियांग ने राज्य में पार्टी के 12 विधायकों के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने की बात कही। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि नए विधायकों के साथ आने से तृणमूल कांग्रेस राज्य में प्रमुख विपक्षी दल बन गई है।
ख़बरो के मुताबिक, 2023 में मेघालय में होने वाले चुनावों को देखते हुए, राज्य में टीएमसी के विकल्पों का पता लगाने के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम के सदस्य शिलांग में हैं। पार्टी इन राज्यों में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर त्रिपुरा और गोवा में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है।
मेघालय प्रदेश तृणमूल कांग्रेस की औपचारिक शुरुआत 2012 में राज्य की 60 में से 35 सीटों पर चुनाव लड़ने के इरादे से की गई थी।
गौरतलब है कि, मंगलवार को ही कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद कीर्ति आजाद व हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे अशोक तंवर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उसी दिन जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राज्यसभा सांसद पवन वर्मा भी तृणमूल में शामिल हो गए थे। तीनों नेता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शमिल हुए। (इंपुट: भाषा के साथ)
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