महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार (21 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) से डरने की जरूरत नहीं है और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) से किसी को भी देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा।
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ”महाराष्ट्र के मुद्दों पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा अच्छी रही। मैंने प्रधानमंत्री के साथ सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर भी चर्चा की। सीएए से किसी को डरने की जरूरत नहीं। एनपीआर से किसी को भी देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा।” जब उद्धव मीडिया को संबोधित कर रहे थे तो उनके साथ पार्टी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद थे।
उन्होंने गठबंधन सरकार में टकराव से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस और राकांपा एनपीआर और सीएए पर मुख्यमंत्री के रुख को लेकर नाराज हैं। ठाकरे ने कहा, ”गठबंधन सरकार में शामिल सहयोगी दलों के बीच कोई टकराव नहीं है। हम पांच साल सरकार चलाएंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें महाराष्ट्र सरकार को हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray after meeting PM Narendra Modi in Delhi: We have discussed on Citizenship Amendment Act, National Register of Citizens and National Population Register.I have already cleared my stance on these issues. No one should be scared of CAA. pic.twitter.com/QD3eYVebsu
— ANI (@ANI) February 21, 2020
गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ये दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले पिछले साल जब पीएम मोदी पुणे पहुंचे तो बतौर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को रिसीव किया था। बता दें कि, महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का मुख्यमंत्री बनने के बाद ठाकरे की मोदी से यह पहली बैठक थी। (इंपुट: भाषा के साथ)