विपक्ष की आलोचनाओं के बाद दानवे ने कहा कि ‘मैं तुअर की खरीद के मुद्दे पर अपनी पार्टी कार्यकर्ता को समझाने का प्रयास कर रहा था। वह मेरे और पार्टी कार्यकर्ता के बीच हुई बस एक बातचीत थी। मैंने किसानों के खिलाफ कोई भी अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। फिर भी अगर किसानों को चोट पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करता हूं।’
इस बीच दानवे ने ऐसे वक्त खेद व्यक्त किया जब प्रदेश कांग्रेस ने तुअर दाल (अरहर) की खेती करने वाले किसानों के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। सत्ताधारी बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने भी राज्यभर में दानवे की टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इससे पहले महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि उनकी पार्टी दानवे की अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ कल से पूरे राज्य में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने किसानों के खिलाफ दानवे की टिप्पणी को लेकर बीजेपी से माफी की भी मांग की।