पीएम मोदी को मिले पुरस्कार की विश्वसनीयता पर उठे सवाल! अलीगढ़ की संस्था का फर्जी निकला पता, फोन नंबर भी गलत पाया गया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार (14 जनवरी) को नई दिल्ली में प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार यह पुरस्कार तीन आधार रेखा ‘पीपुल, प्रॉफिट और प्लानेट’ पर केंद्रित है। यह पुरस्कार अब हर साल किसी देश के नेता को प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के प्रशस्ति-पत्र में कहा गया है कि पीएम मोदी का चयन ‘देश को उत्कृष्ट नेतृत्व’ प्रदान करने के लिए किया गया है।

इसके अनुसार ‘अथक ऊर्जा के साथ भारत के लिए उनकी नि:स्वार्थ सेवा की वजह से देश ने बेहतरीन आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिकीय विकास किया है।’ प्रशस्ति-पत्र में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब नवाचार और मूल्यवर्धित विनिर्माण (मेक इन इंडिया) के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केंद्र के रूप में उभरी है।

पुरस्कार की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

बीबीसी के मुताबिक, वर्ल्ड मार्केटिंग समिट ग्रुप हर साल दुनिया के अलग-अलग देशों में फिलिप कोट्लर मार्केटिंग फोरम का आयोजन करती है। 14 दिसंबर 2018 में भारत में फोरम का आयोजन किया गया था। इसके लिए भारत में ससलेन्स रिसर्च इंटरनेशन इंस्टीट्यूट के साथ हाथ मिलाया था जो 6 सितंबर 2017 में अस्तित्व में आई थी।

भारतीय कंपनियों के बारे में जानकारी रखने वाली वेबसाइट जॉबा के अनुसार अलीगढ़ के दोदपुर में मौजूद ससलेन्स कंपनी कानपुर में पंजीकृत है। कंपनी के वेबसाइट के अनुसार कंपनी ने कोट्लर इम्पैक्ट के साथ करार किया है जिसके अनुसार तीन साल तक वो भारत में इस फोरम का आयोजन करने वाली है।

हालांकि, अंग्रेजी समाचार चैनल इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अलीगढ़ की जो संस्था कोटलर की संस्था से जुड़ी है, उसका पता फर्जी पाया गया है। अलीगढ़ की जिस संस्था ससलेन्स ने कोटलर की संस्था से करार किया था उसके पते पर जब चैनल की टीम पहुंची तो वहां इस नाम से कोई संस्था नहीं मिली। इतना ही जब इंडिया टुडे की रिपोर्टर मौके पर पहुंची तो पता चला कि उस पते पर कंपनी को कोई बोर्ड भी नहीं लगा है।

हैरानी की बात यह है कि उस पते पर किसी शख्स का निजी मकान है। साथ ही ससलेन्स की वेबसाइट पर जो फोन नंबर दिए गए हैं वह भी गलत पाया गया है। यानी पीएम मोदी को पुरस्कार देने वाली संस्था ससलेन्स ने जो भी अपने बारे में जानकारी दी है उसका एक भी सबूत नहीं मिला है।

राहुल गांधी ने किया कटाक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए पहले फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उन्हें बधाई तो दी है लेकिन साथ ही उन्होंने परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए अवॉर्ड की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर तंज करते हुए ट्वीट किया कि यह अलीगढ़ की किसी कंपनी द्वारा प्रायोजित है। साथ ही उन्होंने ईवेंट पार्टनर रूप में पतंजलि और रिपब्लिक टीवी का जिक्र कर निशाना साधा है।

राहुल गांधी ने मंगलवार (15 जनवरी) को ट्‍वीट कर कहा कि मैं विश्व प्रसिद्ध कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड से सम्मानित होने पर पीएम मोदी को बधाई देना चाहता हूं। साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वास्तव में यह पुरस्कार इतना प्रसिद्ध है कि इसकी कोई ज्यूरी नहीं है। इससे पहले किसी को दिया नहीं गया था और अलीगढ़ की एक गुमनाम कंपनी द्वारा समर्थित है। इसके इवेंट साझेदार: पतंजलि और रिपब्लिक टीवी हैं। इस ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने एक वेबसाइट की खबर का लिंक भी शेयर किया है।

स्मृति ने किया पटलवार

फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल पुरस्कार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किए जाने पर कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया। स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस प्रमुख का ‘‘परिवार” दूसरों से पुरस्कृत होने के बजाय ‘‘खुद को ही” देश का सर्वोच्च असैन्य सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान करता रहा।

स्मृति ने पलटवार किया और राहुल गांधी के ट्वीट से टैग करते हुए कटाक्ष किया कि मोदी को किसी और ने पुरस्कृत किया लेकिन गांधी परिवार के सदस्य खुद को ही देश के शीर्ष असैन्य पुरस्कार से सम्मानित करते रहे। उन्होंने गांधी की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया, ‘‘ यह एक ऐसे शख्स ने कहा है जिनके शानदार परिवार ने खुद को ‘भारत रत्न’ देने का फैसला किया।”

पीएम मोदी को इसलिए मिला पुरस्कार

प्रधानमंत्री मोदी को ‘फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवार्ड’ सोमवार को प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि यह पुरस्कार तीन आधार रेखा ‘पीपुल, प्रॉफिट और प्लानेट’ पर केन्द्रित है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष किसी देश के नेता को प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र के अनुसार मोदी का चयन ‘‘देश को उत्कृष्ट नेतृत्व” प्रदान करने के लिए किया गया है।

प्रशस्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से सामाजिक लाभ और वित्तीय समावेशन के लिए विशिष्ट पहचान संख्या, आधार सहित डिजिटल क्रांति (डिजिटल इंडिया) हो सकी। प्रशस्ति के अनुसार इसमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसी पहलों की चर्चा की गई है, जिससे ‘भारत पूरी दुनिया के सबसे आकषर्क विनिर्माण एवं व्यापार केन्द्रों में से एक के रूप में उभरा है।’

प्रोफेसर फिलिप कोटलर अमेरिका स्थित नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के एक विश्व प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं। बीमारी की वजह से प्रोफेसर कोटलर ने अमेरिका के जॉर्जिया में इमोरी यूनीवर्सिटी के डॉ. जगदीश सेठ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुरस्कार प्रदान करने के लिए भेजा है। केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और बीजेपी के बड़े नेताओं ने पीएम मोदी को पुरस्कार दिए जाने पर ट्वीट कर बधाई दी है।

 

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