जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज 2016 के जेएनयू देशद्रोह मामले में समुचित मंजूरी लिए बिना आरोपपत्र दायर करने को लेकर अदालत ने शनिवार (19 जनवरी) को दिल्ली पुलिस से सवाल किए। पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत से कहा कि वह 10 दिन के भीतर अनुमति ले लेगी।
समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पूछा, ‘आपने मंजूरी के बगैर (आरोपपत्र) दायर क्यों किया? आपके पास विधि विभाग नहीं है क्या?’ अदालत मामले की सुनवाई जल्दी ही शुरू कर सकती है। दिल्ली पुलिस ने कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ स्थानीय अदालत में 14 जनवरी को आरोपपत्र दायर करते हुए कहा कि वह एक जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे और फरवरी 2016 में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में देश-विरोधी नारों का समर्थन किया था।
पुलिस ने नौ फरवरी, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य के खिलाफ राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने का भी आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में 9 फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर कन्हैया और उनके साथियों के खिलाफ दाखिल एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने 3 साल बाद चार्जशीट दाखिल की है।