बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष (स्पीकर) व जेडीयू के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने बुधवार की इस बात की घोषणा की। ख़बरों के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की दलित विरोधी नीतियों के खिलाफ इस्तीफा दे दिया है।
file photo- Vishvatimes (उदय नारायण चौधरी)गौरतलब है कि, चौधरी के पार्टी से किनारा करने की अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं। वह अपनी पार्टी के खिलाफ कई बार बयानबाजी कर चुके थे। न्यूज़ 18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, उदय नारायण चौधरी ने कहा कि मैंने जेडीयू छोड़ने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में दलितों के साथ हो रहे व्यवहार की वजह से मैंने ये फ़ैसला लिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी पिछले कई दिनों से अपनी ही पार्टी समेत सीएम नीतीश कुमार से नाराज चल रहे थे। वो सरकार के खिलाफ लगातार बगावती तेवर अपनाये हुए थे। मंगलवार को उन्होंने दलितों के समर्थन में एक मार्च भी निकाला था जबकि पटना में हुए यशवंत सिन्हा के कार्यक्रम में भी उनकी सक्रियता दिखी थी।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में जेल की सजा होने के बाद भी चौधरी ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भले ही नीतीश और बीजेपी ने लालू को जेल भिजवा दें, इसका राजनीतिक फायदा लालू और उनकी पार्टी को मिलना तय है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी ने लालू से रांची की बिरसा मुंडा जेल में मुलाकात भी की थी। उसके बाद से ही बिहार की राजनीति में गहमागहमी बनी हुई थी।