NDTV के समर्थन में जनता का रिपोर्टर ने ऑफलाइन जाने का निर्णय लिया

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एनडीटीवी इंडिया को एक दिन के लिए बैन करने वाली सिफारिशे पूरी तरह से परेशान करने वाली है। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और जनता का रिर्पोटर ने बडे़े पैमाने पर इस बात की प्रतिक्रियाएं प्रकाशित की हैं।

एनडीटीवी भारत के सर्वाधिक जिम्मेदार मीडिया घरानों में से एक है। बावजूद इसके कि पिछले दिनों उड़ी हमले के बाद होने वाली राजनीति पर पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम का इंटरव्यू प्रसारित नहीं करने का इसका फैसला ग़लत था और हमने भी इसकी निंदा की थी। क्योंकि हमने जनता का रिपोर्टर पर पत्रकारिता के लिए निष्पक्षता को सदैव ही सर्वोपरि माना है।

जनता का रिर्पोटर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इस आदेश के खिलाफ जिसे वो एनडीटीवी पर थोप रहे है कि एक दिन के लिए एनडीटीवी को एयर होने से रोका जाएगा ना सिर्फ विरोध करता है, बल्कि एनडीटीवी के समर्थन और सपोर्ट में साथ देते हुए अपनी वेबसाइट को उस दिन 1 घटें के लिए पूरी तरह से काला करने का निर्णय लेता हैं।

हमारा ये निर्णय इस समय की संपादकीय आजादी को निश्चित करने के लिए है। ये उस समय में हो रहा है जब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लगातार हमलों का सामना कर रहा हो। आज ये एनडीटीवी के साथ हो रहा है कल ये हमारे साथ भी हो सकता है।

किसी एक मीडिया इकाई  के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की शक्ति राजनेताओं के हाथ में नही होनी चाहिए। एक  पत्रकार के रूप में, हमसे निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रहरी के रूप में काम करने की उम्मीद की जाती है। लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा की इस तरह की सिफारिशे हमारे गंभीर रूप से कर्तव्यपूर्ण काम करने की हमारी क्षमता को रोकता है।

मैं समझ सकता हूँ कि क्यों दूसरे  चैनल एनडीटीवी के समर्थन में आगे नहीं आएंगे क्योंकि उनमें आर्थिक और राजनीतिक कारणों से वो ऐसा नहीं करेंगे। लेकिन, जनता का रिपोर्टर केलिए इस तरह कोई राजनितिक कशमकश नहीं है। हमने हमेशा पूरी तरह राजनीतिक पार्टियों और कॉर्पोरेट जगत में उनके समर्थकों से दूरी बनाए रखी है।

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