चुनाव आयोग ने एक संगठन द्वारा किए गए एग्जिट पोल जो यूपी चुनाव के पहले दौर के मतदान के बाद का सर्वेक्षण था को दैनिक जागरण में होने प्रकाशित होने संबंधी खबर का संज्ञान लेते हुए माना है था कि विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया जारी रहने के मद्देनजर यह चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन है। इस सर्वेक्षण में बीजेपी के पक्ष में हुई वोटिंग को दिखाया गया था। जिसके चलते जागरण डॉट कॉम के संपादक शेखर त्रिपाठी को मंगलवार (14 फरवरी) सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, जागरण के सम्पादक-मालिक और सीईओ संजय गुप्ता ने कहा है कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के मतदान से पहले जागरण द्वारा शाया किया गया एग्ज़िट पोल उनके विज्ञापन विभाग का काम था, जो वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस सवेे के प्रकाशित होने के बाद जो बीजेपी के पक्ष में दिखाया गया था को भाजपा समर्थकों-प्रचारकों ने सोशल मीडिया पर फैलाने का काम किया जिससे की अगले चरण के मतदान को प्रभावित किया जा सके। सोशल मीडिया पर ही इसकी कड़ी निंदा की गई और चुनाव आयोग की पहल पर गिरफ्तारी व छापों को अंजाम दिया गया।
पेड कटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ चुकी है और सरकारों द्वारा पेड कटेंट के माध्यम से प्रेस को अपने पक्ष में करने की इस गतिविधी को मीडिया के लिए एक गम्भीर खतरा माना जा रहा है।
बता दें कि आयोग के निर्देशों के मुताबिक चार फरवरी, 2017 से आठ मार्च, 2017 को शाम साढ़े पांच बजे तक एग्जिट पोल के नतीजों का प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी भी रूप में प्रचार प्रसार भी नहीं किया जा सकता।