भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गोता लगा रहा है। मंगलवा (14 अगस्त) को भारतीय रुपये के मुकाबले डॉलर का भाव 70 के नीचले स्तर पर आ गया। ये रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले सोमवार को इसने 69.93 का आंकड़ा छू लिया था और मंगलवार को यह डॉलर के मुकाबले 70.07 के सबसे निचला स्तर पर आ गया। रुपये की गिरावट को कुछ हद तक तुर्की की मुद्रा लीरा पर आए संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।
Photo: REUTERSअब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 70.07 रुपये है। पिछले हफ्ते से अबतक रुपया की कीमत में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को रुपया 68.83 से 110 पैसे टूटकर सोमवार को 69.93 के निचले स्तर पर पहुंच गया था और मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 70 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गया। बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने तुर्की से अपने बिगड़ते रिश्तों के बीच नई कर नीति का ऐलान किया है।
तुर्की में अमेरिका के एक पादरी को सजा के बाद दोनों देशों में टकराव गहराए। इसके बाद अमेरिका ने उसके उत्पादों पर 20 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया। इससे तुर्की की मुद्रा लीरा का इस साल 45 फीसदी अवमूल्यन हो चुका है और यह 17 सालों के निम्नतम स्तर पर है। तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप इर्दोगान के अमेरिका के आगे न झुकने से बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है।
विपक्षी पार्टियों ने रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट पर मोदी सरकार को निशाने पर लेने लगी हैं। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि आखिरकार मोदी सरकार ने वह कर दिखाया जो 70 सालोंं में कभी नहीं हुआ था। बता दें कि इस साल अभी तक रुपया 10 फीसदी कमजोर हो चुका है। जानकारों का कहना है कि तुर्की संकट के चलते दुनिया भर की करंसी में गिरावट देखने को मिल रही है। इसीलिए भारतीय रुपये में भी गिरावट है। माना जा रहा है कि रुपया 72 प्रति डॉलर के लेवल को छू सकता है।
Modiji finally managed to do something that we couldn't do in 70 years. pic.twitter.com/jCFH79YrCQ
— Congress (@INCIndia) August 14, 2018